संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। शहर में सिंचाई विभाग के नए शेड्यूल से सर्दी में भी पेयजल संकट गहरा गया है। नहरी विभाग के शेड्यूल के अनुसार जेएलएन नहर में 16 दिन बाद 2 दिसंबर को पानी आना था लेकिन रबी सीजन के चलते नया शेड्यूल लागू होने से अब 11 दिसंबर को आएगा। तालाबों में जलस्तर घटने के बाद आठ दिन और पेयजल किल्लत रहेगी। विभाग पूरे शहर में वीरवार से एक समय ही सप्लाई देगा।
हरियाणा सिंचाई विभाग की ओर से जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) नहर में 16 दिन नहरबंदी के बाद जलापूर्ति होती थी जबकि बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) नहर में 24 दिन नहरबंदी के बाद आठ दिन जलापूर्ति होती थी लेकिन सिंचाई विभाग मुख्यालय की ओर से रबी सीजन में नया शेड्यूल तैयार किया गया है।
इस शेड्यूल में विभाग के पांच ग्रुपों के अनुसार जेएलएन में 24 दिन बाद 11 दिसंबर को पानी आएगा। इसके बाद ही 27 दिसंबर को बीएसबी में पानी आएगा। इस शेड्यूल ने जन स्वास्थ्य विभाग के सर्दी में भी पसीने छुड़ा दिए हैं। अगले आठ दिन और पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए कटौती करने को मजबूर कर दिया है।
जन स्वास्थ्य विभाग नहर बंदी के शेड्यूल के अनुसार अगले आठ दिन तक पानी को स्टोर कर आपूर्ति की क्षमता रखता है लेकिन शहर के जलघरों की क्षमता आबादी अनुसार अपर्याप्त है।
अधिकारियों का दावा है कि शहर के तीन बड़े जलघरों में इतना पानी उपलब्ध है कि कटौती के साथ लोगों को पेयजल मुहैया करवाया जा सकता है। अधिकारियों का कहना कि शहरवासियों को पानी के दुरुपयोग से बचना और अधिक उपयोग से बचाव करना है।
01...रोहतक में खाली जेएलएन नहर। संवाद