यह किसी क्षेत्र की हवाई तस्वीर नहीं... देव कॉलानी स्थित जलघर-4 के तालाब की फोटो है। इसके अंदर
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रोहतक। शहर के जलघरों के तालाबों की करीब पांच साल से सफाई तक नहीं हो रही। इस कारण करीब तीन फीट गाद-मिट्टी जमा हो गई है। इससे पानी की क्षमता घट रही है। इन दिनों तालाब (टैंक) खाली होने से उनमें उगी बड़ी-बड़ी घास व काई साफ दिखाई दे रही है। वहीं दूसरी ओर शहर में पेयजल संकट बना हुआ है।
नहरी पानी की आपूर्ति बंद होने के बाद शहर के जलघरों में तालाबों के अंदर जलस्तर कम हो गया है। ऐसे में तालाबों में अंदर गाद और मिट्टी जमी हुई। कुछ तालाबों में गाद मिट्टी के साथ करीब छह फीट की गहराई में पौधे जमे दिखाई दे रहे। जलघर-1 के तालाबों में करीब डेढ़-दो फीट मिट्टी जमी हुई है। जनस्वास्थ्य विभाग के पूर्व एसडीओ प्रवीन साेनी ने बताया कि जलघर-1 में करीब 10 मिलियन लीटर पानी गाद-मिट्टी के रूप में उपलब्ध है। करीब 10 मिलियन लीटर पानी को लगभग तीन दिन तक जलघर-1 के अधीन क्षेत्र में प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही जलघर-3 व 4 में भी हरी काई और घास जमी हुई है। देव कॉलोनी स्थित जलघर-4 के तालाबों में बड़ी घास उगी हुई है। संवाद