संवाद न्यूज एजेेंसी
रेवाड़ी। जिले में 120 स्थानों का पानी पीने लायक नहीं है। यहां भूजल में फ्लोराइड की मात्रा अधिक मिली है। हैंडपाइप या सबमर्सिबल के जरिए पानी पीने से यहां की 30-40 फीसदी आबादी फ्लोरोसिस नामक बीमारी की चपेट में आ रही है। इस बीमारी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, दांत भी समय से पूर्व खराब हो जाते हैं।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई गई सूची के मुताबिक, जिले में 120 साइट हैं, जहां पर फ्लोराइड की अधिकता है। इन स्थानों पर 30 से लेकर 40 फीसदी बच्चों और बड़ों में फ्लोरोसिस की समस्या पाई गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, फ्लोरोसिस एक ऐसी बीमारी है, जो पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से होती है। फ्लोरोसिस अधिकतर दांतों, हड्डियों व मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाती है। 8 या उससे कम उम्र के बच्चों में डेंटल फ्लोरोसिस विकसित होने का खतरा होता है। इससे स्मरण शक्ति कमजोर होना व गुर्दे की बीमारी होने का भी खतरा रहता है। स्केलेटल फ्लोरोसिस हड्डियों की बीमारी है, जो अंदर ही अंदर हमारी हड्डियों को खोखला कर देती है।
इन स्थानों पर पानी में मिला अधिक फ्लोराइड
बहरामपुर भड़ेगी, मोहम्मदपुर, अलावलपुर, आसलवास, बनीपुर, बावल शहर, भगवानपुर, बीदावास, बोलनी, चांदुवास, गढ़ी, गोविंदपुरी, जलालपुर, खिजूरी, किशनपुर, ओढ़ी, रायपुर, रणसी माजरी, रुद्ध, साबन, सांजरपुर, मनेठी, बलवाड़ी, भठेड़ा, ढाणी सांतो, धामलावास, कोलाना, नांधा, नंगली गोधा, पीथड़ावास, राजपुरा इस्तमुरार, प्रागपुरा, टांकड़ी, चिमनावास, देहलावास व सुठानी आदि स्थान शामिल हैं।
इन कारणों से हो सकती है बीमारी
इस बीमारी के फैलने के कारणों में पानी के अलावा अधिक मात्रा में काला नमक का सेवन, सुपारी चबाने और बिना दूध की चाय पीना भी शामिल है। पानी में फ्लोराइड का लेवल एक पीपीएम तक होना चाहिए। जहां फ्लोरोसिस ज्यादा है, वहां विटामिन डी, कैल्शियम, विटामिन सी का सेवन अधिक करना चाहिए। संतुलित आहार लेने से भी फ्लोरोसिस की समस्या कुछ हद तक रोकथाम की जा सकती है।
फ्लोरोसिस बीमारी के सामान्य लक्षण
दंत चिकित्सक डॉ. मीत वर्मा ने बताया कि दांतों में पीलापन, हड्डियों से संबंधित बीमारियां जैसे गर्दन, पीठ, कंधे व घुटनों के जोड़ों में दर्द फ्लोरोसिस के लक्षण हैं। बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को गठिया यानी अर्थराइटिस जैसा दर्द महसूस होता है। इसके अलावा कमर दर्द, हाथ पैरों में दर्द और जोड़ों में दर्द की शिकायत होती है। मांसपेशियों के फ्लोरोसिस में बार-बार पेट में दर्द होना, उल्टी आना, सुन्नपन आदि होता है।
वर्जन-
नवंबर से लेकर मार्च तक पानी के सैंपल लिए गए थे। इनमें फ्लोराइड की मात्रा अधिक मिली है। इसके बाद स्थानीय लोगों की यूरिन की जांच की गई, इसमें बड़ी संख्या में बच्चों और बड़ों में फ्लोरोसिस की बीमारी पाई गई है। पब्लिक हेल्थ को पत्र लिखकर स्वच्छ पानी मुहैया कराने के लिए कहा है।
डॉ.मीत वर्मा, नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग