सांपला। नहरी पानी के बिगड़े गणित का असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ने वाला है, क्योंकि नेहरों में पानी पहुंचाने व नहर के खाली रहने की वजह से कई गांव के जलघरों में पानी ही नहीं पहुंच पाया है। जिन में पहुंचा है वहां भी बहुत कम सप्लाई है। इससे उन गांव में पीने के पानी का संकट बनने के आसार बने हैं।
फिलहाल गांव में ट्यूबवेल से पीने के पानी की सप्लाई दी जा रही है। जानकारी के अनुसार सिंचाई विभाग ने इलाके की नेहरों में 16 फरवरी की शाम को पानी छोड़ा था। विभाग ने हैड से 1700 क्यूसिक पानी छोड़ने की मांग की थी। यमुना में पानी कम होने की वजह से 600 क्यूसिक ही पानी मिला हैं। भालौठ माइनर से विभाग ने इलाके की सभी नहरों में 16 फरवरी की शाम को पानी छोड़ दिया। लेकिन नहरों की टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। रास्ते में ही खत्म हो रहा है। जबकि इलाके के जल घरों में बहुत कम पानी बचा है।
ग्रामीणों का कहना कि पहले ही पानी की आपूर्ति कम दी जा रही है। नयावास भैंसरु खुर्द व कला, दतोड, गिरी, समचाना, पाकस्मा, अटायला, कंसरेटी, मोर खेड़ी समेत कई गांव में जलघरों में पानी खत्म होने को है। वहीं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी का कहना है कि कई गांव के जलघरों के तालाब का पानी समाप्त हो गया है। ट्यूबवेल से सप्लाई दी जा रही है।
बढ़ सकती है समस्या
मौसम गर्म होने लगा है। इसमें पीने के पानी की भी डिमांड बढ़ेगी। ऐसे में लोगों के सामने पानी की समस्या खड़ी हो सकती है। कई गांव के जलघरों का पानी समाप्त हो चुका है। विभाग द्वारा ट्यूबवेलों के जरिए सप्लाई दी जा रही है। वह भी पूर्ति नहीं हो पाती। बताया गया दत्तोड में तो ट्यूबवेल भी पानी देना बंद कर गए। ऐसे में गांव में पानी का संकट बना हुआ है। विभाग द्वारा नेहरों में पानी छोड़े तीन दिन हो गए ,जबकि अगले 4 दिन और पानी चलना है। अगर जल घरों के तालाब नहीं भरे गए तो आने वाले गर्मी के मौसम में लोगों के लिए पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
इस बार उन्हें डिमांड से आधा पानी भी नहीं मिला। इससे टेलों पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है। पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। - उदयभान सांगवान, एसडीओ, सिंचाई विभाग।