जून माह की शुरुआत होते ही शहर में पानी का संकट गहराता जा रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन दिनों में पाली की किल्लत को देखते हुए 17 घंटे पेयजल आपूर्ति करने की कवायद की जा रही है। इसके अलावा प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी उपलब्ध करवाने का दावा किया जा रहा है। जबकि हकीकत इसके विपरीत है। शहर वासियों का कहना है कि विभाग घरों में पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। पानी की आवश्यकता पूरा करने के लिए निजी टैंकर आपूर्तिकर्ताओं से 400 रुपये प्रति टैंकर पानी खरीदने को मजबूर हैं।
गर्मियां बढ़ते ही जिले में पानी की मांग बढ़ती जा रही है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग मांग के अनुरूप पानी उपलब्ध कराने की मशक्कत में जुटा हुआ है। इसी क्रम में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा रात के समय शहर के सात बूस्टिंग स्टेशनों में पानी डालता है। जलघर से पंप व मोटरों के जरिए इन बूस्टिंग में पानी डाला जाता है। इसके अलावा सुबह तड़के चार बजे विभाग कॉलोनियों में सप्लाई शुरू कर देता है। विभाग का दावा है कि शहर में 17 घंटे पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा आबादी के लिहाज से प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी मुहैया कराया जा रहा है। दावे के विपरीत लोगों का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग के पास पेयजल स्टोरेज की कमी है।
पूर्व पार्षद धर्मा देवी, पूर्व पार्षद सुभाष स्वामी, पार्षद मनोज वर्मा व महेश गुप्ता का कहना है कि शहर में तीसरे जलघर निर्माण की जरूरत है। मौजूदा पेयजल क्षमता 50 हजार की आबादी के अनुरूप है जबकि शहर की आबादी 80 हजार है। पानी की स्टोरेज क्षमता नहीं होने की वजह से विभाग एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई कर रहा है। इस समय शहर की पेयजल क्षमता 3700 लाख लीटर है। इसे बढ़ाकर 7000 लाख लीटर करने की जरूरत है तब जाकर नियमित रूप से शहर में पानी की सप्लाई संभव है।
वर्जन
दो और वाटर टैंक बनवाने के लिए एस्टीमेट फाइल की खामियों को रिमूव किया जा रहा है। जल्दी ही फाइल हैड ऑफिस भेज दी जाएगी। गर्मी में शहरवासियों के समक्ष पेयजल संकट नहीं आने दिया जाएगा।
- जगदीशचंद्र, एसडीओ ,जनस्वास्थ्य विभाग
गांव नीमड़-बडेसरा में 100 करोड़ की लागत से 25 एकड़ में जलघर का निर्माण किया जाएगा। जिससे 35 गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने वर्ष 2016 में बाढड़ा इलाके के लिए इस पेयजल परियोजना की घोषणा की थी। एसडीएम शंभू राठी ने वीरवार को अधिकारियों की टीम के साथ गांव नीमड़ बडेसरा का दौरा किया और पेयजल परियोजना के लिए भूमि का निरीक्षण किया।
गांव नीमड़-बडेसरा में बनाए जाने वाले जलघर के निर्माण के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने टेंडर आवंटित कर दिया है, जल्दी ही इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। इस जलघर में 513 वर्ग फीट के दो टैंकों का निर्माण किया जाएगा। जिसकी पेयजल क्षमता 16.6 करोड़ लीटर की होगी। इस जलघर को लोहारू कैनाल से जोड़कर पानी भरा जाएगा। इसके साथ पांच इंटरमीडिएट बूस्टिंग स्टेशन गांव कादमा, कुब्जानगर, मांढ़ी हरिया, जेवली और किष्कंधा में बनाए जाएंगे।
शंभू राठी ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए लगाए गए नलकूप अब सूखने लगे हैं। गांव बाढड़ा में दो, गुडाना में एक, पिचौपा खुर्द में दो व कादमा के दो बोरिंग ट्यूबवेल साढ़े क रीब 500 फीट की गहराई तक हैं,इनमें पानी नहीं है। सरकार द्वारा डार्क जोन घोषित किए जा चुके इस इलाके में यह पेयजल परियोजना लोगों के लिए प्राणदायिनी से कम नहीं होगी। इससे क्षेत्र की एक लाख 30 हजार आबादी को फायदा होगा और 35 गांवों के लोगों को पानी मिलेगा। वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी जयप्रकाश को इस क्षेत्र में सफाई करवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए । तहसीलदार बंसीलाल को निर्देश दिए कि राजस्व विभाग से संबधित कार्य पूरा कर यहां विकास कार्य को शुरू करवाया जाए।
गौरतलब है कि पंचायत इस जमीन का प्रस्ताव पारित कर प्रशासन को दे चुकी है। इस मौके पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवरदमन सिंह, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी युद्घवीर सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग के उपमंडल अभियंता सुरेश श्योराण व जगबीर आदि उपस्थित रहे।