जिले के 142 स्कूलों में जल संरक्षण का इंतजाम किया जाएगा। जिस पर 788.86 लाख रुपये खर्च होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए जल शक्ति अभियान के तहत जिले के अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई है।
पीएम मोदी ने कैच द रेन के नारे के साथ इस साल मानसून से पहले बारिश के पानी को सहेजने का संदेश दिया था। उसी के तहत जल शक्ति मिशन शुरू किया गया है। जिसका कोऑर्डिनेटर एडीसी महेंद्र पाल को बनाया गया है। इसमें बहुत से विभागों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग 17 इमारतों की छतों पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाया जाएगा। इस पर 37.40 लाख रुपये खर्च होंगे। विभागों को गांवों में 3010 शॉक पिट बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही गांवों के 15 तालाबों का मरम्मत और डी-सिल्टिंग भी कराया जाएगा। इसी तरह महिला व बाल विकास विभाग को जिले के 45 आंगनबाड़ी केंद्रों में 13.05 लाख रुपये से जल संरक्षण की व्यवस्था करने की हिदायत दी गई है। स्थानीय निकाय विभाग को शहरों में कैच द रेन अभियान के तहत 12 मुहिम चलाने की हिदायत दी है। इसी अभियान में मनरेगा के तहत जिले में 25 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य है। कृषि विभाग को भूजल बचाने के लिए धान का दस हजार एकड़ रकबा दूसरी फसलों की तरफ शिफ्ट करने का लक्ष्य दिया गया है। सिंचाई विभाग को भी कई अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं।
गांवों में बन रहे हैं नए तालाब
जिले के 26 गांवों में इंटिग्रेटेड वाटर मैनेजमेंट प्रोग्राम और पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत जल शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। जिला परिषद द्वारा गांवों में नए तालाब बनाए जा रहे हैं, पुराने तालाबों की डी-सिल्टिंग की जा रही है। खेतों में सिंचाई के लिए नाले बन रहे हैं। नहर से तालाबों तक अंडर ग्राउंड पाइप बिछाए जा रहे हैं। मिट्टी का कटाव रोकने को तालाबों में रिटेनिंग वॉल बनाई जा रही हैं।