झज्जर। गुगाणा सब माइनर में करीब 24 साल बाद पानी आया। सब माइनर के निर्माण को लेकर जमींदारों और सिंचाई विभाग के बीच कोर्ट में केस चला था। कोर्ट का फैसला सिंचाई विभाग के हक में आया। अब सिंचाई विभाग ने बचा शेष निर्माण कार्य पूरा कर सब माइनर में जलापूर्ति की। इससे दो गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा।
नहर सब माइनर आरडी संख्या 4199-एल पाटोदा माइनर से निकलती है, जो झज्जर जलसेवा परिमंडल झज्जर के रेवाड़ी जलसेवा मंडल के अंतर्गत आती है। इस नहर का निर्माण 1999-2000 में किया गया था। नहर की कुल लंबाई 5764 है। जब इस नहर का निर्माण किया जा रहा था, तब चार कोर्ट केसों के कारण नहर की हेड रीच में लगभग 700 फीट का कार्य शेष रह गया था, जिससे गुगाणा सब माइनर को पाटोदा माइनर से जोड़ा नहीं जा सका था।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता झज्जर जल सेवाएं परिमंडल झज्जर सतीश जनावा और कार्यकारी अभियंता रेवाड़ी उठान जल सेवाएं मंडल के प्रयासों से नहर पर लगे चार कोर्ट केसों का निपटारा कोर्ट में हुआ और सिंचाई विभाग के हक में फैसला आया। इसके बाद विभाग ने 700 फीट के शेष रह गए काम को पूरा कराया। 10 जुलाई को नहर में लगभग 24 वर्ष बाद टेल तक पानी पहुंचाया गया, जिससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
इस नहर पर पाटोदा गांव का रकबा लगता है। टेल तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों में फसलों के लिए मीठे पानी की उम्मीद जगी है। साथ ही भूमिगत जलस्तर भी बढ़ने की संभावना है। इससे खेड़ी सुलतान और पाटौदा खेड़ा के ग्रामीणों को फायदा होगा।
ग्रामीणों ने जताई खुशी
इस अवसर पर पाटोदा-खेड़ा गांव के सरपंच गोविंद यादव, मनोज, मुकेश, जयवीर, हनुमत सिंह, राजेश, बनवारी ने खुशी जाहिर की। कहा कि 24 साल बाद सब माइनर का निर्माण पूरा हो सका है और अब टेल पर पानी आया है। इससे किसानों को फायदा होगा।
वर्जन
गुगाणा सब माइनर के निर्माण को लेकर केस चले थे। जमींदारों का कहना था कि उनको मुआवजा नहीं मिला है, जबकि उनको मुआवजा मिल गया था। केस जीतने के बाद विभाग ने बचे कार्य को पूरा कराया है। अब सब माइनर में 24 साल टेल तक पानी आ गया है। इससे दो गांवों के किसानों को फायदा होगा।-भूपेंद्र सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग, झज्जर