हरियाणा के रोहतक में नगर निगम प्रशासन शनिवार सुबह करीब 10 बजे वार्ड छह में गली निर्माण के नाम पर अच्छी स्थिति की गली को तोड़ने पहुंचा। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद कुछ हिस्सा तोड़कर कंपनी के बुलडोजर को लौटना पड़ा।
स्थानीय पार्षद का कहना है कि दो साल पहले वार्ड की 22 गलियों के निर्माण के लिए एस्टीमेट बनवा कर भेजा था। शनिवार को जिस गली को तोड़ा गया वह अच्छी स्थिति में है। टूटी हुई गलियों को पहले न बनाना गलत है। वहीं गत 12 सितंबर को हाउस मीटिंग को लेकर हुई पार्षदों की बैठक में पार्षदों ने विकास कार्य न होने से नाराजगी जताई थी।
निगम प्रशासन ने विकास कार्य न होने का मुख्य कारण बजट की कमी बताया था। गत वीरवार को जनसंवाद कार्यक्रम में पहुंचे सीएम के सामने भी पार्षदों ने बजट की कमी का दर्द बया किया था। दोनों वाकयों से असमंजस की स्थिति बन रही है क्योंकि एक अनुमान के तहत शहर की 214 ऐसी गलियां और सड़कें हैं जहां हर कदम पर गड्ढे बने हुए हैं और वहीं दूसरी ओर अच्छी स्थिति की सड़कों को ही तोड़कर दोबारा बनाया जा रहा है।
वार्ड में 22 गलियां टूटी पड़ी
मेरे वार्ड में 22 गलियां बिल्कुल ऐसी हैं जो बिल्कुल टूटी हुईं हैं। दो साल पहले वार्ड की सभी गलियों को बनवाने के लिए एस्टीमेट बनवाकर भेजा था। शनिवार को अचानक ठेकेदार ने बिल्कुल ठीक स्थिति की गली को तोड़ने के लिए पहुंचे तो वार्डवासियों ने फोन कर सूचना दी। मुझे न तो ठेकेदार ने सूचित किया और न ही निगम प्रशासन ने कोई सूचना दी।
- सुरेश किराड़, पार्षद, वार्ड छह
एक सप्ताह पहले गली के निर्माण के लिए टेंडर मिल चुका है। शनिवार को निर्माण के लिए मल्होत्रा वाली गली में पहुंचे थे। घरों के बाहर बने अवैध निर्माण टूटने से लोगों ने विरोध किया। निगम अधिकारियों के आदेश पर वापस लौट आए। सोमवार को निगम अधिकारियों की मौजूदगी में दोबारा कार्य शुरू किया जाएगा।
- प्रतीक, ठेकेदार
छह साल से एक ही कंपनी पर मेहरबान निगम
वर्ष 2016 से नगर निगम सभी विकास कार्यों के टेंडर एक ही निजी कंपनी को परोस रखा है। कंपनी अपने मनमाने रेटों पर टेंडरों को अपने नाम करवा लेती है। वहीं निगम की हाउस मीटिंग में निर्णय लिया गया था कि विकास कार्यों के टेंडर खत्म होने के बाद उनकी समय अवधि बढ़ाई नहीं जाएगी बल्कि दोबारा से जारी कर नए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
जिस ठेकेदार के रेट सबसे उचित होंगे उसे टेंडर जारी कर दिया जाएगा। लेकिन वास्तविकता इससे कोसों दूर है। पिछले करीब छह साल से एक ही कंपनी के पास कूड़ा उठाने, पार्कों की मरम्मत, नगर निगम की इमारतों की मरम्मत, चयनित सड़कों की सफाई का काम, सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट का संचालन, मैन पावर आदि का काम एक ही कंपनी के पास है।
नगर निगम के मेयर मनमोहन गोयल स्वयं नए टेंडरों की समय अवधि को बढ़ाने की बजाय नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने की सिफारिश कर चुके हैं। हालांकि निगम कमिश्नर के अनुसार इस मामले पर समीक्षा की जा रही है। जल्द ही बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है।
जिन विकास कार्यों के टेंडरों की समय अवधि खत्म होने को है उन पर नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने के लिए समीक्षा की जा रही है। जल्द ही समीक्षा पूरी कर फैसला लिया जाएगा।
- धीरेंद्र खड़गटा, कमिश्नर, नगर निगम
एक साल पहले हुई निगम की हाउस मीटिंग में यह फैसला किया गया था कि टेंडरों की समय अवधि खत्म होने पर नए सिरे से आवेदन आमंत्रित किए जाएं। उचित रेट पर टेंडर भरने वाली एजेंसी को काम दिया जाए। निगम प्रशासन से पहले भी कई बार सिफारिश की गई है।
- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम