रोहतक। राज्यस्तरीय एनएसएस शिविर में राज्य एनएसएस समन्वयक डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि स्वयंसेवक आइडिया जनरेशन (विचार सृजन) पर काम करें। इसके लिए भारत सरकार भी सब्सिडी देती है। सभी स्वयंसेवकों को मंच पर बोलने का अभ्यास करना चाहिए।
आईएमटी स्थित एसआरएस पब्लिक स्कूल में राज्यस्तरीय सात दिवसीय एनएसएस शिविर के 5वें दिन रविवार को राज्य समन्वयक डॉ. दिनेश शर्मा ने निरीक्षण किया व स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को सामाजिक समरसता, पर्यावरण, व्यक्तित्व विकास पर जानकारी दी।
सुबह के सत्र में सोमवीर आर्य ने स्वयंसेवकों को विभिन्न आसनों, प्राणायाम एवं ध्यान के लाभ बताते हुए शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। सेवानिवृत्त कैप्टन जगबीर मलिक ने सामाजिक कार्य, नशा मुक्ति अभियान, पौधरोपण, रक्तदान शिविर एवं जल संरक्षण विषयों पर चर्चा की।
डिप्टी डीईओ नरेश ने कुटुंब प्रबोधन, वसुधैव कुटुंबकम की भावना और आध्यात्मिक प्राथमिकताओं पर स्वयंसेवकों को जागरूक किया। डॉ. आदित्य बतरा ने कहा कि मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है जबकि योग एवं ध्यान से मस्तिष्क का आकार बढ़ता है।
सायंकालीन सत्र में शिक्षिका विजेता, कविशा व गगना के नेतृत्व में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता हुई। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इस मौके पर स्कूल के निदेशक डॉ. सुमित शर्मा, कार्यक्रम अधिकारी धर्मवीर, अमनदीप, डॉ. सतीश, डॉ. सुशील व डॉ. पंकज जैन मौजूद रहे।