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Rohtak News: बढ़ रहा दृष्टि रोग, 60 दिनों में 2700 को लगे चश्मे

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रोहतक। आंखों की रोशनी कम हो रही है। कम उम्र के बच्चों और युवाओं में यह समस्या बढ़ी है। बीते दो माह में नागरिक अस्पताल में आंखों की ओपीडी 10308 रही। इसमें 2700 नजर के मरीज रहे, उन्हें चश्मा परामर्श किया गया। चिकित्सकों की माने तो पोषण युक्त भोजन और स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने के कारण कम उम्र के बच्चे और युवाओं में नजर की समस्या हो सकती है।
नागरिक अस्पताल की आंखों की औसत ओपीडी करीब 192 है। मौसम के अनुसार भी मरीज पहुंच रहे हैं। आंखों में जलन, लालिमा और दर्द से परेशान मरीज भी परामर्श के लिए आ रहे हैं। नजर का नंबर बढ़ने, मोतियाबिंद आदि के केस भी आ रहे
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हैं।

आंखों के लिए बेहतर नहीं डिस्पले लाइट
विशेषज्ञों की माने तो जीवनशैली में बदलाव, बाजारी खानपान और बेइंतहा मोबाइल, टीवी व कंप्यूटर पर समय बिताने पर दृष्टि संबंधी समस्या बढ़ी है। यह एकाएक नहीं है, इसका धीरे-धीरे संचार हुआ है। आज स्मार्टफोन आदि की डिस्प्ले से जो रोशनी निकलती है, वह आंखों के लिए बेहतर नहीं है। वहीं आंखों को स्वस्थ रखने के लिए पालक, गाजर, आंवला और खट्टे फलों का सेवन जरूरी है।
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हरी सब्जी और सलाद का सेवन जरूरी
नागरिक अस्पताल के नेत्र जांच विशेषज्ञ भीम सिंह ने कहा, ज्यादातर मरीज नजर की समस्या के आ रहे हैं। सभी को परामर्श के साथ-साथ सलाह भी दी जा रही है। खाने में हरी सब्जी, सलाद का सेवन ज्यादा करने की। बाजार की चीजों को खाने से परहेज करें। फल और ड्राइफ्रूट भी बेहतर विकल्प है। मरीज स्वयं भी बताते हैं कि वे कितना समय स्क्रीन पर बिताते हैं। सभी को सलाह दी जाती है कि 15 मिनट से ज्यादा स्क्रीन पर समय न दें। कंप्यूटर पर काम करने वाले हर दो घंटे की अंतराल में आंखों में पानी के छींटे मारे। इससे आंख ज्यादा समय तक स्वस्थ बनी रहेंगी।
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