रोहतक। चमारिया में अरसे से दूषित पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़कें जलमग्न हैं। गंदे पानी से अटी सड़कों से आवागमन करना बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं की ही नहीं, आम आदमी के लिए दूभर हो गया है। सरकारी व्यवस्था के कारण गंदगी के आलम में जीवन व्यतीत करने को विवश ग्रामीणों में महामारी पनपने का भय है। इस कारण रविवार सुबह साढ़े दस बजे मकड़ौली टोल के पास पानीपत हाईवे जाम कर दिया। यहां दोपहर करीब ढाई बजे तक लगा रहा। बीडीपीओ व डीएसपी के सोमवार को दूषित पानी निकासी का काम शुरू करते हुए जमीन की लेवलिंग कराने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला। इस कारण परिवहन व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। लोगों को टोल से आगे पैदल जाना पड़ा।
रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे चमारिया गांव के ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर मकड़ौली टोल पानीपत हाईवे पहुंचे। यहां टोल से कुछ दूरी पर सड़क पर अपने वाहन खड़े कर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि चमारिया में काफी समय से दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। इस कारण गांव में बुरा हाल है। गलियां व सड़कें गंदे पानी से अटी पड़ी है। इनसे गुजरना मुश्किल हो गया है। बच्चों का स्कूल जाना, बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना, महिलाओं का पेयजल भरकर लाना हर काम परेशानी भरा हो गया है। गंदगी व कीचड़ में गिरकर बच्चे और बुजुर्ग घायल हो रहे हैं। उपायुक्त व बीडीपीओ के अलावा सीएम विंडो पर भी चार बार शिकायत लगा चुके हैं। इसके बावजूद समस्या बरकरार है।
जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस व बीडीपीओ मौके पर पहुंचे। इन्होंने ग्रामीणों को समझा कर जाम हटाने का प्रयास किया, मगर ग्रामीण अपनी समस्या के समाधान को लेकर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के गंदे पानी को साफ कराना ही समस्या का समाधान नहीं है। यह कुछ समय के लिए रहेगा। कुछ घंटे बाद गंदा पानी फिर जमा हो जाएगा। प्रशासन इस समस्या के समाधान की स्थायी व्यवस्था करें। इसके लिए किसी खाली प्लाट के बजाए डिस्पोजल से नाला जोड़ कर उसमें दूषित पानी डाला जाए, ताकि बार-बार समस्या न हो। बाद में डीएसपी सज्जन सिंह व बीडीपीओ राजपाल चहल दोबारा ग्रामीणों से मिले। यहां उनके समस्या के समाधान के लिए सोमवार को ही सफाई के साथ जमीन की लेवलिंग जांचने का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण मानें और जाम खोला।
एंबुलेंस को दिया रास्ता, यात्रियों को जाना पड़ा पैदल
जाम के कारण बसें, ट्रक, कार व अन्य वाहनों की सड़क पर कतार लग गई। पानीपत से रोहतक आने वाले लोगों को घर आने के लिए जाम खुलने का इंतजार करना पड़ा। कुछ लोग अपनी बसें व परिवहन के साधनों को छोड़ कर पैदल ही आगे बढ़ गए। इस कारण लोगों को काफी दूर तक पैदल जाना पड़ा। इसमें महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे शामिल रहे। सिर पर सामान से भरा थैला रखकर लोग टोल पार कर पुल के पास पहुंचे। यहां से आटो के जरिये अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। जबकि रोहतक से पानीपत जाने वालों में से कुछ ने खेतों में से कच्चा रास्ता पकड़ा तो कुछ ने सड़क पर खड़े रहकर जाम खुलने का इंतजार किया। यही नहीं, हाईवे से गुजरने वाली एंबुलेंस को भी जाम के कारण परेशानी हुई। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रास्ता दिया, मगर बेतरतीब खड़े वाहनों के बीच से एंबुलेंस निकालने में चालकों को काफी समय लगा।
वर्जन:
चमारिया के ग्रामीणों के जाम लगाया था। वहां गंदे पानी की निकासी की समस्या है। उन्हें समझा कर जाम खुलवा दिया है। सोमवार को ही ट्रैक्टर से सफाई कराई जाएगी। समस्या के समाधान के लिए जमीन का लेवल जांच कर पानी निकासी की पंचायती जमीन में व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जेई व एसडीओ सोमवार को मौके पर जाएंगे।
- राजपाल चहल, बीडीपीओ।
मकड़ौली टोल टैक्स के पास जाम में फसे वाहन चालक। संवाद