संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक/महम/कलानौर। बारिश के बाद जलभराव लोगों की परेशानी बन गया है। जिले में 30 हजार एकड़ से अधिक भूमि जलमग्न हो गई है। जलभराव के कारण खेतों में खड़ी खरीफ सीजन की फसल भी प्रभावित होने से किसान आहत हैं।
बारिश व सैमाण की ओर से आने वाले पानी ने भैणी सुरजन के ग्रामीणों की नींद उड़ाई हुई है। पानी गांव के चारों ओर फैल गया है। इससे घरों को सुरक्षित रखने के लिए ग्रामीण गांव के चारों ओर बांध बना रहे हैं।
सरपंच काजल ने बताया कि ग्रामीण एकजुट होकर अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ बंधा लगाने में जुटे हुए हैं। भैणी सुरजन में मुनादी कराई गई थी। इसके बाद सुबह ग्रामीणों ने गांव की चौपाल में आपातकालीन बैठक का आयोजन किया। इसमें गांव के चारों ओर बंधा बनाने, सैमाण का पानी रोकने की रणनीति बनाई गई।
ग्रामीण धर्मबीर बड़ाली, संजीत, दीपक, कृष्ण का कहना है कि गांव के चारों ओर बांध बनाने के लिए मशीन मंगवाई गई है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में खेतों से मिट्टी लाई जा रही है। इससे गांव के चारों ओर बांध तैयार किया जा रहा है। खेतों का पानी निकालने के लिए ग्रामीण बार-बार विभाग से बड़ी मोटर लगाने की मांग कर रहे हैं। अब तक विभाग ने बड़ी मोटर उपलब्ध नहीं कराई है। इधर, प्रशासन पानी निकालने का रास्ता तलाश रहा है।
विभाग के जेई जयदीप राठी का कहना है कि फिलहाल जिस माइनर से वापस नहर में पानी डाला जा रहा है, उसकी क्षमता सीधा पानी चलने के लिए 15 क्यूसेक की है। नहर की तरफ पानी ले जाया जा रहा है। इसमें 13 क्यूसेक पानी चल रहा है। इसी में बड़ी मोटर लगा दी तो माइनर टूटने का खतरा बन सकता है। पानी निकालने के लिए ड्रेन खोदे जाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए जिन किसानों के खेतों से ड्रेन खोदी जाएगी, उनकी सहमति जरूरी है। इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
इधर, कलानौर इलाके के गांव में जलभराव से कई गांव प्रभावित हैं। इसमें कलानौर, पटवापुर, मसूदपुर, पिलाना की 1500 एकड़ भूमि प्रभावित हैं। इससे ग्रामीण आहत हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत की गुहार लगाई है।
30 खेतों से मशीन व ट्रैक्टरों से मिट्टी लाने में जुटे भैणी सुरजन के ग्रामीण। संवाद
30 खेतों से मशीन व ट्रैक्टरों से मिट्टी लाने में जुटे भैणी सुरजन के ग्रामीण। संवाद