रोहतक। लाखनमाजरा ब्लॉक के गांव चिड़ी के सरपंच पद के चुनाव को लेकर खंड कार्यालय में बैठक हुई। लेकिन सरपंच पद पर कोई फैसला नहीं हो सका क्योंकि बैठक में कोई भी दावेदार बहुमत साबित नहीं कर सका।
बता दें कि गांव चिड़ी के सरपंच की हत्या के बाद से यह पद खाली था। पंचायत सदस्यों की मांग थी कि जल्द से जल्द सरपंच पद को भरा जाए। इसे लेकर लाखनमाजरा के बीडीपीओ राजकुमार शर्मा ने वीरवार को लाखनमाजरा ब्लॉक कार्यालय में सभी पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाई। बीस सदस्यों में से एक गैरहाजिर रहा। बाकी 19 सदस्यों में से सरपंच पद के तीन दावेदार थे। जिनमें से एक के पास दस सदस्यों का समर्थन था। एक दावेदार के पास आठ पंचायत मेंबरों का समर्थन था। वहीं, एक दावेदार के पास सिर्फ एक सदस्य यानी अपना ही समर्थन था। बीस सदस्यों की पंचायत में नियमानुसार बहुमत के लिए 11 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। बहुमत का यह आंकड़ा किसी के पास नहीं था। इसलिए बीडीपीओ शर्मा ने किसी को भी सरपंच नियुक्त नहीं किया। उधर, दस सदस्यों के समर्थन वाले दावेदार की दलील थी कि बीस सदस्यों की पंचायत में दस सदस्यों के समर्थन पर सरपंच पद मिल सकता है। इसलिए उन्हें सरपंच बनाया जाए। जिससे असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। जिसके बाद बीडीपीओ शर्मा ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस बारे में उच्च अधिकारियों से दिशा निर्देश लेंगे। अगर ऐसा कोई नियम है तो उन्हें सरपंच बनाया जाएगा, नहीं तो दोबारा सरपंच के चुनाव के लिए बैठक बुलाई जाएगी।
गांव चिड़ी के सरपंच पद के चुनाव के लिए बैठक बुलाई गई थी। लेकिन बीस सदस्यीय पंचायत में बहुमत के लिए 11 सदस्यों का समर्थन कोई भी दावेदार नहीं दिखा सका। उच्चाधिकारियों को इस बारे में निर्देशित करने को लिखा गया है।
- राजकुमार शर्मा, बीडीपीओ लाखनमाजरा