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मुक्केबाज विजेंदर के कोच बोले, भारतीय मुक्केबाजी में सब कुछ ठीक नहीं, कहा

Sat, 04 Jul 2015 02:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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मुक्केबाज विजेंदर को पदक दिलाने वाले कोच जगदीश ने एक बार फिर सवाल उठाए हैं।
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उनका कहना है कि देश के कई बॉक्सर विजेंदर के रास्ते पर चलकर प्रोफेशनल बॉक्सिंग की दुनिया में जा सकते हैं।

हालांकि रियो ओलंपिक से पहले इसकी संभावनाएं कम हैं, लेकिन ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सर का प्रोफेशनल बॉक्सिंग में बांहें फैलाकर स्वागत किया जाता है।

इसलिए ओलंपिक के बाद ऐसा हो सकता है। शुक्रवार को नेशनल बॉक्सिंग एकेडमी में ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में जगदीश सिंह ने ये भी खुलासा किया है कि प्रोफेशनल बॉक्सिंग भारत में कदम जमाने की तैयारी में है।

मई में दिल्ली में एक प्रोफेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता हो भी चुकी है। अब इसको बड़े स्तर पर करने की तैयारी चल रही है। बता दें कि विजेंदर के पूर्व कोच जगदीश इन दिनों रोहतक बॉक्सिंग अकादमी में तैनात हैं।
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ये मुक्केबाज जा चुके हैं विदेशों में
कोच जगदीश के मुताबिक विजेंदर से पहले तमिलनाडु के देवराजन, धर्मेंद्र यादव और राजकुमार सांगवान प्रोफेशनल बॉक्सिंग में हाथ आजमा चुकेे हैं। मई में हुई प्रोफेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में नीरज ने एशियन स्तर का खिताब जीता था। दिलबाग सिंह, दलबीर सिंह ने भी यहां बाउट जीती थी। इनमें से नीरज एवं दिलबाग की अगली बाउट अगस्त में विदेशी जमीन पर होगी।
नुकसान हो रहा भारतीय मुक्केबाजी को
जगदीश सिंह साफ कहते हैं कि भारतीय मुक्केबाजी में सब कुछ सही नहीं है। इससे भारत में मुक्केबाजी को नुकसान हो रहा है। रही सही कसर स्कोरिंग सिस्टम में हुए बदलाव ने पूरी कर दी है। बकौल कोच नया स्कोरिंग सिस्टम भारतीय मुक्केबाजाें की फाइटिंग स्टाइल का नहीं है। उन्होंने ये भी माना कि भारत में बॉक्सिंग की लोकप्रियता लगातार कम होती जा रही है।
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कोच को कागजों में ही मिलता है इनाम
खेल नीति पर भी कोच जगदीश सिंह ने कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खेल नीति अच्छी है, लेकिन इसका फायदा तब तक नहीं है, जब तक इसको धरातल पर सही तरीके से उतारा ना जाए। कोच को कागजाें में तो इनाम मिलता है, लेकिन असलियत में ऐसा नहीं हो पाता।
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