जींद। जीवन में संघर्षों से हार मानने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सच्ची सफलता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मेन बाजार वासी विजयलक्ष्मी जिन्होंने अपने पति के बीमार होने के बाद घर की जिम्मेवारी संभाली और आज न सिर्फ आत्मनिर्भर बनीं बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।
करीब सात साल पहले पति के गंभीर बीमार होने से परिवार की आर्थिक स्थिति डगमगाने लगी। तब विजयलक्ष्मी ने ठान लिया कि वह हालात के आगे झुकेगी नहीं। उन्होंने शहर के प्रशिक्षण केंद्र से ब्यूटी पार्लर का कोर्स किया और अपने घर के एक कमरे में छोटा सा पार्लर शुरू किया।
शुरूआत में ग्राहक कम आए लेकिन मेहनत और सेवा भाव से उन्होंने लोगों का विश्वास जीता। धीरे-धीरे उनका व्यवसाय बढ़ने लगा और आज लक्ष्मी ब्यूटी पार्लर के नाम से इनकी पहचान बन चूकी है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में कई लोगों ने कहा कि यह काम चल नहीं पाएगा लेकिन उन्होंने आत्मविश्वास नहीं खोया।
पार्लर से अच्छी कमाई होने लगी तो उन्होंने दो अन्य महिलाओं को काम सिखाया और उन्हें भी रोजगार से जोड़ा। अब उनके साथ तीन महिलाएं काम करती हैं और पार्लर से हर महीने अच्छी आमदनी हो जाती है। वह अपनी दो बेटियों और एक बेटे को अच्छे स्कूल से पढ़ा रही है और साथ ही अपनी दोनों बेटियों को भी पार्लर का काम सीखा रही है।
युवतियों को दे रही फ्री ट्रेनिंग
विजयलक्ष्मी की कहानी आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उन्होंने साबित कर दिया कि बुरा समय आपकी स्थिति को किसी अवसर में बदल सकता है। बस हिम्मत और आत्मविश्वास होना चाहिए। विजयलक्ष्मी आसपास की युवतियों को भी फ्री ट्रेनिंग दे रही हैं ताकि वे भी अपनी जिंदगी को संवार सकें।
विजयलक्ष्मी महिलाओं को कर रही प्रेरित
विजयलक्ष्मी का कहा है कि लड़कियों को काम आना जरूरी है अगर कभी किसी प्रकार की कोई समस्या हो जाए तो वह अपना पेट पाल सके। मन में ठान लिया जाए तो कोई भी काम मुश्किल नहीं हो सकता।