रोहतक। हिंदू सभ्यता समृद्ध और विस्तृत है, मगर हम विषम परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के सामने कई चुनौतियां हैं। हमें अपने कार्य का विस्तार करना होगा। इसके लिए सबसे सशक्त माध्यम सत्संग है। यह धार्मिक नहीं, बल्कि विशुद्ध सामाजिक प्रक्रिया है। यह कहना है विहिप के केंद्रीय मंत्री बजरंग लाल बांगड़ा का। वे रविवार को विहिप की गोकर्ण तीर्थ परिसर में हुई प्रांतीय बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि केवल कार्यक्रम करने से काम नहीं चलेगा। कार्यकर्ताओं को टोली बनाकर वैचारिक कार्य करने होंगे। वर्तमान चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठन को निचले स्तर तक सुदृढ़ करना होगा।
बांगड़ ने कहा कि हमारे आसपास विधर्मी शक्तियां अपने धन-बल, बाहुबल से हिंदू समाज का मतांतरण कर रही हैं। इनके बारे में जानकारी देना नितांत आवश्यक है। यह काम एक प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही करने में सक्षम है। अकेले कोई कोई नहीं करना है। इसके लिए टोली का गठन करना होगा। इससे कार्य सुगम तरीके से हो सकेगा।
जितने ज्यादा सत्संग होंगे उतने विधर्मी दूर रहेंगे। जब कार्यकर्ता कोई कार्य करके आता है तो उससे निरंतर संपर्क बनाए रखना चाहिए। इसके बाद उसकी रुचि के अनुसार कार्य सौंपना चाहिए। हमारे सामने चुनौतियां बड़ी हैं। विमर्श टोली हर जिलास्तर पर सक्रिय रहे।
ऐसा तानाबाना बनाया जाए जिससे कोई भी गलत नैरेटिव चले तो एक घंटे में कम से कम एक करोड़ हिंदुओं तक उसकी सत्यता की जानकारी पहुंच सके। सत्संग के माध्यम से लोगों को हिंदुत्व से जोड़ा जाए। उनके मन में हिंदू धर्म की अलख जगाई जाए।
विहिप के हरियाणा प्रांत अध्यक्ष पवन ने कहा कि सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं बल्कि जीवन का वैज्ञानिक और व्यावहारिक दर्शन है। इसे नई पीढ़ी तक सही रूप में पहुंचाना आवश्यक है।
जूना अखाड़ा के उपाचार्य एवं गोकर्ण पीठाधीश्वर कपिलपुरी के नेतृत्व में गोकर्ण तीर्थ फिर आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। वह खुद भी सनातन धर्म व हिंदुत्व की बुलंद आवाज बनकर उभरे हैं। वह न केवल आध्यात्मिक चेतना का विस्तार कर रहे हैं बल्कि विश्व हिंदू परिषद और स्वयंसेवक संघ के साथ मिलकर हिंदुओं को जागरूक करने और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
गोकर्ण तीर्थ में आयोजित विभिन्न धार्मिक आयोजनों में महामंडलेश्वर कपिलपुरी का मार्गदर्शन समाज के सभी वर्गों को प्राप्त हो रहा है। अपने प्रवचनों व सामाजिक कार्यों के माध्यम से युवाओं को धर्म के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। इस मौके पर प्रांत मंत्री वरुण, प्रांत सह मंत्री सुशील शास्त्री ने भी अपने विचार प्रकट किए।