‘बीटेक के बाद मीनाक्षी ने भी बड़े सपने देखे थे, लेकिन शादी के बाद से वह घुटन महसूस कर रही थी। पति के साथ जब भी विवाद होता तो वह केवल बदनामी के डर से सहन करती रहती और चुप रही।’ आंखों में आंसू और मन में बहन के जाने का गम लिए सपना ने बस इतना कहकर बात बंद कर दी कि बहुत कुछ सहते सहते मेरी बहन टूट गई थी।
रामनगर स्थित पति के घर में फांसी लगाकर जान देने वाली विवाहिता मीनाक्षी की मौत के आरोपी पति पंकज, ससुर किशनलाल और सास मंजू खुराना को पुलिस ने अदालत में पेश किया। पुलिस ने अर्जी दाखिल की कि आरोपियों से पूछताछ की जानी है और दहेज में दिए सामान की रिकवरी करनी है।
अदालत ने अर्जी को स्वीकार करते हुए तीनों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव वारिसों को सौंप दिया। दोपहर बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। कांगड़ा में टेक्सटाइल डिजाइनिंग का कोर्स कर रही मीनाक्षी की छोटी बहन सपना शुक्रवार सुबह 4 बजे रोहतक पहुंची।
बहन की मौत से पूरी तरह टूट गई सपना ने बताया कि उसकी बहन को पंकज ने शादी से पहले बहुत सब्जबाग दिखाए, लेकिन शादी के बाद वह बिल्कुल बदल गया। सपना ने बताया कि पंकज अकसर उसकी बहन के साथ बुरे व्यवहार के साथ साथ बहुत गुस्सा करता था।
उसकी बहन छोटी-छोटी जरूरतों के लिए तरसती थी, वह अपनी मर्जी से पैसा तो खर्च ही नहीं कर पाती थी। यदि कभी पैसा खर्च कर देती तो वह उसे पीटता। शुरू में मीनाक्षी ने कुछ नहीं बताया, लेकिन जब सहन नहीं हुआ तो मुझे बताने लगी थी। कई बार तो मैं चुपचाप दोनों में पैचअप भी कराकर आई।
मेरी बहन को पंकज व उसके परिवार के लोग केवल शारीरिक या मानसिक ही नहीं बल्कि भावनात्मक रूप से भी प्रताड़ित करते थे। मीनाक्षी मेरी बहन ही नहीं एक अच्छी दोस्त भी थी।
रामनगर कॉलोनी निवासी एक विवाहिता ने बृहस्पतिवार को अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुराना बस स्टैंड के पास पीली कोठी निवासी 22 वर्षीय मीनाक्षी का विवाह 6 दिसंबर 2013 को रामनगर कॉलोनी निवासी पंकज पुत्र किशन लाल खुराना के साथ हुआ।
आरोप है कि मीनाक्षी को विवाह के बाद से ही दहेज कम लाने के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। पुलिस ने लड़की की मां रेणुबाला की शिकायत पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने व दहेज हत्या का मामला दर्ज कर तीनों आरोपी पति पंकज, सास मंजू खुराना, ससुर किशनलाल खुराना को गिरफ्तार कर लिया था जबकि चौथा आरोपी देवर सचिन फरार हो गया था।
परिजनों ने बताया कि शादी के बाद से ही पंकज व उसके मां-बाप की निगाहें उनकी दुकानों पर थी। पंकज हमेशा मीनाक्षी के साथ मारपीट तो करता ही था साथ ही वह उस पर दबाव बनाता था कि वह मां को कहे कि दुकानें बेचकर उसे पैसा दें ताकि वह ऑस्ट्रेलिया में सेट हो सके।