रोहतक। सब्जी-पूरी विक्रेता सिलिंडर छोड़ अब छोटे तंदूर से अपनी दुकानदारी चालू रख रहे हैं। दुकानों के बाहर कोयले से जलने वाले छोटे तंदूर रखे दिखाई दे रहे हैं। अब इन्हीं से खाना बना रहे हैं।
डीएलएफ कॉलोनी स्थित दुकानदार राजबीर ने बताया कि बड़े काॅमर्शियल सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। इनकी सप्लाई न होने से काम प्रभावित हो रहा है। 28 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से कोयला खरीदकर तंदूर चालू किया है।
सब्जी-पूरी बेचकर काम चला रहे हैं और करीब 20 किलो कोयला प्रतिदिन लग जाता है। उन्होंने कहा कि कोयले से भी अतिरिक्त खर्च ही बढ़ने वाला क्योंकि गैस की तरह कोयले की आग को कम-ज्यादा नहीं किया जा सकता है जबकि काॅमर्शियल सिलिंडर मिल नहीं पा रहे हैं।
पूरी-सब्जी की दुकान चलाते हैं लेकिन काॅमर्शियल सिलिंडर न मिलने से छोटे तंदूर पर काम शुरू कर दिया है। कोयले को गैस की तरह बंद कम या ज्यादा नहीं कर सकते हैं।
- राजबीर, सब्जी-पूरी विक्रेता
सिलिंडरों के बिना कई दिन तक काम चलाना संभव नहीं है। एक-दो दिन और फास्ट फूड बनाकर यह काम बंद कर देंगे। सिलिंडर की जगह अन्य विकल्प तलाश रहे हैं।
- जतिन, फास्ट फूड विक्रेता
सिलिंडर न मिलने से गैस की बचत करनी भी शुरू कर दी है ताकि दुकानदारी व परिवार का गुजारा प्रभावित न हो। डीजल से जलने वाले उपकरणों की भी खोज कर रहे हैं।
- जोनी, पूरी सब्जी विक्रेता
10- जोनी, पूरी सब्जी विक्रेता।
10- जोनी, पूरी सब्जी विक्रेता।
10- जोनी, पूरी सब्जी विक्रेता।