सर्किट हाउस में वररुण के आत्महत्या के बाद गम जदा मात पिता। अमर उजाला
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी वरुण श्रीधर के आत्महत्या करने के मामले में पढ़ाई को लेकर मानसिक तनाव भी सामने आया है। कोरोना की वजह से पढ़ाई को वह अमेरिका नहीं जा सका। वहीं माता पिता का कहना है कि वरुण कहता था में आगे नहीं बढ़ पा रहा हूं, इसीलिए उन्होंने बेटे की काउंसिलिंग भी कराई थी। अब उसके जाने से उनके सभी सपने टूट गए हैं। जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने आत्महत्या की खबर सुनकर मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। वहीं परिजनों को भी सांत्वना दी।
दिल्ली के हीरानगर निवासी 25 वर्षीय वरुण श्रीधर चार माह पहले ही जिला उपायुक्त कार्यालय में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी के तौर पर तैनात हुआ था। तभी से वह सर्किट हाउस के कमरा नंबर 19 में रह रहा था। सफेद बोर्ड पर उसने सुसाइड नोट लिखा जिसमें कहा- कमी मुझमें ही है, इसलिए और कोई जिम्मेदार नहीं है। अपनी मौत का वह खुद जिम्मेदार हूं। आत्महत्या की सूचना पर पहुंचे पिता रिटायर लेफ्टिनेंट कर्नल अजय और मां बेटे को फंदे पर लटका देखकर फफक कर रो पड़े। हादसे का पता चलने पर उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार समेत अन्य पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी को एक वर्ष के लिए नियुक्त किया जाता है। जो सरकार के विभिन्न प्रोजेक्ट को लेकर काम करते हैं।
------
अमेरिका में पढ़ाई के लिए हो गया था चयन
पिता अजय ने कहा मंगलवार शाम उन्होंने वरुण श्रीधर को फोन किया था, लेकिन फोन नहीं रिसीव किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह तनाव में रहता था। अक्सर कहता रहता था कि मैं आगे नहीं बढ़ पा रहा हूं। जिसके चलते हाल ही में वरुण की काउंसिलिंग भी करवाई थी। करीब चार माह पहले ही वरुण का अमेरिका में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के लिए चयन हुआ था। मगर कोरोना गाइडलाइन के चलते वह वहां नहीं जा सका। वरुण की छोटी बहन बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है।