रोहतक। वैश्य शिक्षण संस्था के चुनाव एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया में फंस गए हैं। संस्था में 550 वोटों को लेकर उभरे विवाद के चलते हाई कोर्ट पहुंचे मामले में अदालत ने चुनाव पर रोक लगा दी है। अब इस मामले में 20 अप्रैल को सुनवाई होगी। इस दिन सुनवाई के दौरान चुनाव को हरी झंडी मिलने की आस में संस्था के सदस्य हैं।
नामांकन के दूसरे दिन ही वैश्य शिक्षण संस्था की नई कार्यकारिणी की चयन प्रक्रिया बीच में ही रुक गई है। मतदाता सूची से काटे गए वोटों को लेकर हाईकोर्ट से की गई अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह निर्देश जारी किया है। अब फिलहाल चुनावी गतिविधि आगे नहीं बढ़ेगी। अदालत से निर्देश के बाद नए सिरे से प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है। याचिकाकर्ता विकास मित्तल ने कहा कि जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में सुनवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अदालत ने अपील को सही ठहराते हुए चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। अब 20 अप्रैल को सुनवाई होनी है। यहीं अगली कार्रवाई की आस है।
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संस्था चुनाव की नामांकन प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। अदालत के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। फिलहाल नामांकन अन्य गतिविधि नहीं होगी। अदालत से निर्देश के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।
डॉ. चंद्र गर्ग, चुनाव अधिकारी, वैश्य शिक्षण संस्था।
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संस्था पर प्रशासक की नियुक्ति हुई तो पदाधिकारियों को माफ नहीं करेगा समाज
महाराज अग्रसेन विकास ट्रस्ट ने वैश्य शिक्षण संस्थाओं के भविष्य पर चिंता जताई है। ट्रस्ट के सदस्यों ने बैठक कर संस्था का स्थापना दिवस नहीं मनाए जाने को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। संस्था के प्रधान सुशील गुप्ता ने कहा कि पिछले वर्ष संस्था ने शताब्दी वर्ष मनाया था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 16 फरवरी 1921 वैश्य शिक्षक संस्थान की नींव रखी थी। तत्कालीन पदाधिकारी एडवोकेट श्याम लाल जैन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को बैलगाड़ी में लेकर आए थे। महापुरुषों के प्रयासों से वैश्य संस्था वट वृक्ष बन चुकी है। आपसी लड़ाई में पदाधिकारी संस्था के स्थापना दिवस को भी भूल गए। ट्रस्ट के सदस्यों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पदाधिकारी इसी तरह लड़ते रहे तो जल्द ही शिक्षण संस्थाओं पर प्रशासक नियुक्त हो जाएगा। ट्रस्ट के सदस्य दोनों गुटों में सहमति बनाने पर प्रयास करेंगे। आपसी मतभेद को छोड़कर संस्था के हित में काम करने का निवेदन किया जाएगा। इस मौके पर भारत भूषण मित्तल, वरुण सिंगल, लोकेश जैन, अमित महमियां, मुकेश सिंघल, देशराज बंसल, राधेश्याम गुप्ता मौजूद रहे।
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बोले- संस्था का समाज के हाथों में ही हित
महाराज अग्रसेन सेवा सदन ट्रस्ट के प्रधान एडवोकेट भारत भूषण मित्तल ने कहा कि समाज के बुद्धिजीवी वर्ग मनमोहन गोयल, राजेश जैन, अजय बंसल, जगमोहन मित्तल, गिरीश चंद गुप्ता, सुशील गुप्ता पोपट, रामचेत तायल, श्रीकृष्ण जैन, सतीश पंसारी को हस्तक्षेप करना चाहिए। देशराज बंसल ने कहा कि संस्था समाज के हाथों में रहे। वैश्य शिक्षण संस्थाओं पर प्रशासक की नियुक्ति होती है तो वर्तमान पदाधिकारियों को समाज माफ नहीं करेगा।