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वैश्य संस्था में हड़ताल जारी, पूर्व पदाधिकारी विधायक के नेतृत्व में डीसी से मिले

Sat, 19 Dec 2015 02:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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वैश्य संस्था से कर्मचारियों को निकालने का मामला शांत होता नहीं दिख रहा है।
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शुक्रवार को कॉलेजियम सदस्य और स्कूल-कॉलेजों के कर्मचारी एकजुट होकर विधायक से मिले, जिसके बाद देर रात विधायक और डीसी की घंटों तक वार्ता चली।

डीसी ने आश्वासन दिया कि अगले तीन-चार दिनों में वे कर्मचारियों की समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे। हालांकि कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि समाधान नहीं होने तक वे शांतिपूर्वक तरीके से हड़ताल जारी रखेंगे।


वैश्य पब्लिक स्कूल और वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज से कर्मचारियों को बाहर निकाला गया है, जबकि वीआईएमटी के कर्मचारियों को मौखिक रूप से निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके विरोध में सभी कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं।
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पूर्व घोषणा के अनुसार शुक्रवार सुबह नौ बजे सभी कर्मचारी और कॉलेजियम सदस्य इंजीनियरिंग कॉलेज में इकट्ठा हुए। इसमें निर्णय हुआ कि शाम को विधायक मनीष ग्रोवर से मिला जाएगा। इसके बाद कर्मचारी देर शाम जुलूस निकालते हुए विधायक के पास पहुंचे।

कर्मचारियों ने विधायक को ज्ञापन देते हुए समस्या बताई। विधायक ने कर्मचारियों की समस्या को सुना और तय हुआ कि तीन कॉलेजियम सदस्य और इंजीनियरिंग कॉलेज के टीचिंग व नॉन टीचिंग के प्रधान उनके साथ चलकर डीसी से वार्ता करेंगे। इस पर सभी डीसी डीके बेहेरा के पास पहुंचे। डीसी, विधायक, कॉलेजियम सदस्य और दोनों प्रधानों के बीच वार्ता हुई। आखिर में डीसी ने आश्वासन दिया कि वह जल्द ही कर्मचारियों के हितों को देखते हुए समाधान की कोशिश करेंगे। सभी ने उन्हें सहमति के बाद मंगलवार तक का समय दे दिया। इस आश्वासन के बाद कॉलेजियम सदस्य और प्रधानों ने स्पष्ट कर दिया कि वह इसके लिए तैयार है, लेकिन तब तक स्कूल-कॉलेजों में हड़ताल जारी रहेगी। हालांकि इस दौरान कोई कर्मचारी शांति भंग नहीं करेगा। डीसी से मिलने वालों में कॉलेजियम सदस्य राजेंद्र बंसल, विजय गुप्ता, अजय गुप्ता, टीचिंग प्रधान डॉ. पंकज गुप्ता और नॉन टीचिंग प्रधान सज्जन कुमार शामिल रहे।

वीआईएमटी में भी हड़ताल रही जारी
वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज में हड़ताल का शुक्रवार को तीसरा दिन था, जबकि वीआईएमटी में दूसरा दिन। वीआईएमटी के कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया कि प्रशासक को अपना फैसला वापस लेना होगा।

यह है कर्मचारियों की प्रमुख बिंदु
- गैर कानूनी तरीके से 34 कर्मचारियों को हटाया जाना।
- मनमाने ढंग से कर्मचारियों का वेतन कम करना।
- सरकार के नियम विरुद्ध जाकर कर्मचारियों को सरप्लस दिखाना।
- पिछले तीन सालों में कर्मचारियों को अवकाश के दिन बुलाये जाने पर प्राचार्य द्वारा स्वीकृत एंव प्रदान की गई प्रतिपूरक छुट्टियों का वेतन काटना।
- सरकार के नियम विरुद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज का फंड दूसरे संस्थान में स्थानांतरण करना। कॉलेज की स्थापना से अब तक ऋण के रूप में लगभग 55 करोड़ रुपये दूसरी संस्थानों को देना।
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- मनमाने ढंग से गणना करके कॉलेज को नुकसान में दिखाना।
- कानून के खिलाफ जाकर इंजीनियरिंग के कर्मचारियों का दूसरे संस्थान में तबादला।
- कर्मचारियों को पिछले 3 महीने से वेतन ना दिया जाना।
- वैश्य पब्लिक स्कूल के विधवा और अन्य कर्मचारियों को बाहर निकालना।  

वर्जन
कर्मचारियों की समस्या को लेकर डीसी से बातचीत की गई है, जिन्हें जल्दी ही समाधान का आश्वासन दिया है। कर्मचारियों के साथ किसी भी हाल में अन्याय नहीं होने देंगे।
- मनीष ग्रोवर, विधायक
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