वैश्य पब्लिक स्कूल में 24 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का मामला शांत होता नहीं दिख रहा है।
नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों ने सोमवार सुबह स्कूल पर ताला जड़ दिया और हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने किसी भी स्टाफ या बच्चे को अंदर नहीं जाने दिया।
हड़ताल खत्म करवाने पहुंचे एसडीएम और डीएसपी के सामने महिला कर्मियों के आंसू छलक पड़े। कर्मियों ने हाथ जोड़कर कहा- साहब! गोली मार दीजिए, लेकिन रोटी मत छीनिए।
नौकरी से हटने के बाद भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। अधिकारियों ने दोपहर 1 बजे आश्वासन देकर बमुश्किल हड़ताल खत्म कराई। अब कर्मचारियों एक चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो डीसी से मिलकर पक्ष रखेगी।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें वापस ड्यूटी पर नहीं लिया गया तो वे फिर से हड़ताल की जाएगी।
इससे पहले, सोमवार सुबह 7 बजे कॉलेजियम सदस्य अजय गुप्ता के नेतृत्व में हटाए गए कर्मचारी इकट्ठा होकर स्कूल में पहुंच गए।
गुस्साए कर्मचारियों ने स्कूल में ताला लगा दिया और हड़ताल पर बैठ गए। स्कूल में आने वाले बच्चों को समझाकर वापस घर भेज दिया गया। सुबह 10 बजे पहुंचे डीएसपी सुखबीर फौगाट ने कर्मचारियों को समझाया, लेकिन हड़ताली डीसी डी. के. बेहरा को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। मामला बिगड़ता देख एसडीएम दलबीर फौगाट कर्मचारियों के बीच पहुंचे। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि कर्मचारी अपनी चार सदस्यीय कमेटी गठित करें। कमेटी की डीसी से वार्ता कराकर समाधान का प्रयास करेंगे। इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने करीब 1 बजे हड़ताल खत्म कर दी। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं हुआ तो फिर से हड़ताल की जाएगी। कर्मचारियों ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। सीएम विंडो पर भी इसकी शिकायत की गई है।
ये लोग हुए कमेटी में शामिल
एसडीएम के आश्वासन पर कर्मचारियों ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें कॉलेजियम सदस्य अजय गुप्ता, श्रीनिवास, राजबाला और सुदेश को शामिल किया गया है। कमेटी जल्द ही डीसी से वार्ता करेगी।
धमकी से भी नहीं डरे कर्मचारी
कर्मचारियों ने दो दिन पूर्व ही सोमवार को स्कूल बंद करने की चेतावनी दे दी थी। इस मामले को लेकर कर्मचारियों को लोगों के माध्यम से डराया भी गया था कि यदि हड़ताल की तो लाठीचार्ज भी हो सकता है, लेकिन इस धमकी के बाद भी कर्मचारी नहीं डरे।