वक्फ बोर्ड कानून के खिलाफ शहर में वक्फ के किराएदार अपने परिवारों के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गए। अंबेडकर चौक पर हुई भूख हड़ताल को व्यापारिक संगठनों के अलावा राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने कहा कि वे इन परिवारों के साथ हैं। हर किसी ने वक्फ बोर्ड का कानून बदलने या बोर्ड को भंग करने की मांग उठाई। ऐसा नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।
बता दें कि शहर में वक्फ बोर्ड की ऐसी लगभग 7000 संपत्ति हैं, जिनमें किराएदार रहते हैं। ये संपत्ति प्रताप मोहल्ला, चमेली मार्केट, सलारा मोहल्ला, किला मोहल्ला, पाड़ा मोहल्ला, माल गोदाम रोड, हिसार रोड, कच्चा बेरी रोड और गढ़ी मोहल्ला आदि जगह पर हैं। वक्फ बोर्ड की संपत्ति आजादी के समय लोगों को दी गई थी, जिनका किराया भी हर साल बढ़ाया जाता है।
लेकिन 2013 में सरकार ने एक कानून पास किया, जिसके तहत हर तीन साल में संपत्ति की बिड करने का नियम बनाया गया। इसके तहत ही शहर के काफी किराएदारों को नोटिस जारी किया गया। वक्फ बोर्ड के इस कानून के खिलाफ ही सोमवार को अंबेडकर चौक पर संपत्ति के किराएदारों ने परिवार के साथ भूख हड़ताल की।
वहां हिसार रोड, माल गोदाम रोड, रेलवे रोड, भिवानी स्टैंड, लाजपत मार्केट, इंद्र मार्केट, अशोका मार्केट, सरकुलर रोड, गोहाना रोड, डेयरी एसोसिएशन के पदाधिकारी भी समर्थन करने पहुंचे। भूख हड़ताल पर बैठने वालों में व्यापारी नेता सोम मलिक, सुंदर श्याम नागपाल, संदीप बख्शी, राकेश सचदेवा, जोगेंद्र सैनी, गुलशन शर्मा, श्याम सचदेवा, पालिका बाजार एसोसिएशन के प्रधान गुलशन निझावन, मदन गुलाटी, आशु खुराना, गोपाल दास कोचर, अशोक मलिक, नरेश हुडिया, सरदार जरनेल सिंह, रमन टूटेजा, प्रदीप गौरा, मंजुल पालीवाल, कपिल सहगल, रितू बुद्धिराजा, कविता सचदेवा, रीटा सचदेवा, शमा मलिक, ऊषा सूद, राजरानी, रमेश कवातड़ा, ऊषा चावला, शंकराचार्य ट्रस्ट के डा. गोपाल शामिल रहे। सभी ने कहा कि वक्फ बोर्ड का कानून जल्द से जल्द बदला जाए। वहीं वक्फ बोर्ड संपत्ति को किराएदारों को मालिकाना हक दिया जाना चाहिए।
सड़क पर उतरेंगे: भाटियाहरियाणा उद्योग व्यापार हित मंडल के प्रदेशाध्यक्ष अनिल भाटिया, सिविल रोड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित मोहन सैनी, नंदकिशोर कपूर भूख हड़ताल में पहुंचे। व्यापारी नेताओं ने कहा कि नया कानून पूरी तरह से तालिबानी है। व्यापारी 50 सालों से इस बोर्ड की प्रापर्टी पर अपना व्यापार चला रहे हैं जो इस कानून से सड़क पर आ जाएंगे। किराएदारों को मालिकाना हक दिया जाए। अगर कानून खत्म नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन होगा। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव एवं जिला प्रधान गुलशन डंग ने कहा कि यह काला कानून है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक व नेताओं ने दिया समर्थनभूख हड़ताल में सहयोग देने के लिए पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा, पार्षद अनीता मिगलानी, ललित मोहन सैनी, सूरज रसवंत, नंदकिशोर कपूर, मनमोहन आजाद, गोपालदास कोचर, पार्षद गुलशन ईशपुनियानी, पूर्व पार्षद सुरेंद्र बतरा भी पहुंचे।
भाजपा भी कानून के खिलाफ: ग्रोवरविधायक मनीष ग्रोवर ने अपना समर्थन पत्र जारी करते हुए कहा कि उनकी पार्टी भी इस कानून के खिलाफ है। विधायक ने उनको न्यौता दिया कि वे अपनी कमेटी के साथ चंडीगढ़ आएं और वहां उच्च अधिकारियों के साथ बैठक करके केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा। जिसमें वक्फ बोर्ड के कानून को निरस्त कराने की सिफारिश की जाएगी। बाबा कपिलपुरी व कर्णपुरी भी पहुंचेहड़ताल पर बैठे व्यापारियों के पास बाबा कपिल पुरी व बाबा कर्णपुरी भी पहुंचे। शाम 5 बजे बाबा कपिलपुरी व जन सेवा संस्थान के बाबा चैतन्य प्रभु ने सभी को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई।