कोरोना महामारी से लड़ाई कमजोर पड़ती नजर आ रही है। जिले में वैक्सीन की बढ़ती मांग और घटती आपूर्ति कुछ यही दर्शा रही है। स्वास्थ्य विभाग के पास फिलहाल 1100 डोज शेष है। मुख्यालय से देर रात तक दो हजार डोज पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में वैक्सीनेशन ड्राइव की रफ्तार भी धीमी पड़ने की संभावना है।
महामारी की दूसरी लहर में संक्रमण का खतरा भांप चुके लोग अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि अब वैक्सीनेशन की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। पीजीआई, सिविल अस्पताल, पॉलीक्लीनिक के अलावा शिविरों के जरिये लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। वैक्सीन की मांग बढ़ने से इसकी आपूर्ति कम हो गई है। इस कारण शिविरों में लोगों के हिसाब से पर्याप्त वैक्सीन नहीं मिल पा रही है। हालात ये हैं कि पीजीआई तक को वैक्सीन की महज 20 वायल मिल पा रही हैं। बुधवार को पीजीआई के ऑडिटोरियम में बने वैक्सीनेशन केंद्र को 200 डोज मिली।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न शिविरों समेत बुधवार को 1062 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। अब वीरवार को टीकाकरण अभियान के लिए विभाग को मुख्यालय से वैक्सीन की खेप मिलने का इंतजार है। इस खेप में भी महज दो हजार डोज ही मिलने की संभावना है। विभाग के पास फिलहाल मंगलवार को शिविरों में 1100 डोज ही बची है। मुख्यालय से खेप मिलने पर 3100 डोज वीरवार के लिए मिलेंगी।
कोविशील्ड खत्म, कोवैक्सीन भी कम
स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीनेशन ड्राइव बेहतर ढंग से चलाने के लिए पर्याप्त वैक्सीन नहीं है। वैक्सीन में भी जिले को फिलहाल कोवैक्सीन की मिल रही है। कोविशील्ड खत्म है। मुख्यालय से यह वैक्सीन नहीं आ रही है। इस कारण लोगों को सिर्फ कोवैक्सीन ही लगाई जा रही है। जबकि लोग कोविशील्ड की मांग कर रहे हैं।
महामारी से बचाव के लिए लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके लिए वैक्सीनेशन ड्राइव चलाए जा रहे हैं। वीरवार को भी शिविर लगाए जाने हैं। इसके लिए 1100 डोज पहले से हैं। मुख्यालय से देर रात तक दो हजार डोज और मिल जाएंगी। वैक्सीन की मांग अधिक होने के कारण आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। जल्दी ही यह समस्या भी दूर हो जाएगी।
- डॉ. परितेव, प्रतिरक्षण प्रभारी