रोहतक। अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो तो कोई भी दिक्कत आड़े नहीं आती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है मोरखेड़ी की उषा ने। घर की परिस्थिति ठीक नहीं होने के बाद भी उषा ने वेट लिफ्टिंग प्रतियोगिता खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक जीता। छठी कक्षा से उषा ने वेट लिफ्टिंग खेलने की शुरूआत की थी। मोरखेड़ी के राजकीय वरिष्ठ विद्यालय में पढ़ाई करती थी। बच्चों को खेलते देखकर उषा का भी खेल की ओर रुझान बढ़ा। 2017 से उषा ने खेल की शुरूआत की। उषा की मां का नाम सपना और पिता का नाम सुरेंद्र है। उषा की मां सिलाई करती है और पिता रिपेयरिंग का काम करते हैं। उषा के दो भाई-बहन हैं जिनकी जिम्मेदारी भी उषा पर ही है। उषा ने 2017 से लेकर 2024 तक 15 पदक जीतकर गांव और हरियाणा का नाम रोशन किया। स्कूल समय में ही वेट लिफ्टिंग की तैयारी करती थी। स्कूल की ओर से ही उर्मिला स्पॉट एकेडमी राजस्थान में सलेक्शन हो गया था। राजस्थान में रहकर ही तैयारी करती थी। उसके बाद लॉकडाउन लगने से घर पर ही तैयारी करती थी। उसके बाद लखनऊ में सलेक्शन हो गया था, जिसके बाद वह लखनऊ से ही अपनी तैयारी कर रही है।
उषा का कहना है कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। खेल की ओर मेरी रुचि थी। इसलिए खेल में जाने का मन बनाकर हर दिन माता-पिता और भाई-बहन के बारे में सोचकर अपने खेल पर लगातार मेहनत की कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मेरा सपना ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का है।
उपलब्धि...
स्कूली नेशनल में 44 किलो वर्ग में प्रथम स्थान, स्कूली नेशनल गुवाहटी में तीसरा स्थान, हरियाणा स्टेट प्रतियोगिता में स्वर्ण, नेशनल वेट लिफ्टिंग 55 किलो वर्ग प्रतियोगिता में रजत, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में रजत, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी में र्स्वण, खेलो इंडिया महिला रैंकिंग में र्स्वण, खेलो इंडिया महिला रैंकिंग में रजत, खेलो इंडिया महिला रैंकिंग में कांस्य, आस्मिता खेलो इंडिया 59 किलो वर्ग में स्वर्ण, नेशनल वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य, नेशनल वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप में रजत, खेलों इंडिया दिल्ली में स्वर्ण पदक, खेलों इंडिया गुवाहटी में स्वर्ण, खेलों इंडिया पंचकूला में स्वर्ण, एशियन चैंपियनशिप में कांस्य, कॉमनवेल्थ में रजत पदक जीता।