सर्दी जब बढ़ जाती है और ऊनी कपड़े कितने भी पहने ले गर्माहट नहीं आ पाती है। ऐसे समय में जरूरत पड़ती है हीटर की। सर्दियों के मौसम में हीटर इस्तेमाल जोरों पर होता है।
वहीं, हीटर शुरू होते ही त्वचा ड्राइनेस की समस्या शुरू हो जाती है। जो त्वचा सूखी थी, अब हीटर से पहले से अधिक सूखी हो जाती है। ऐसे में हीटर का प्रयोग करते वक्त थोड़ी सावधानी बरतकर इसका प्रयोग आराम से किया जा सकता है।
सबसे अच्छा हीटर वह है, जो स्टीम के साथ है। स्टीम से होता यह है कि कमरे की आर्द्रता (नमी) बनी रहती है। इससे त्वचा की भी नमी बरकरार रहती है। कमरे का वातावरण भी सही रहता है। ब्लोअर चलाते वक्त विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। ब्लोअर से सूखी गर्म हवा निकलती है, जो त्वचा के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है।
ब्लोअर से परहेज करें या फिर 30 मिनट का ब्रेक देकर चलाएं। इसके अलावा यह भी कर सकते हैं कि ब्लोअर पर तौलिया गीला करके उसके आगे रख दें। इससे गर्म हवा के साथ हल्की-हल्की भाप भी निकलती रहेगी और वह कमरे के वातावरण सूखा नहीं होगा।
ऐसे करें हीटर का इस्तेमाल
रूम हीटर, ब्लोअर, कोयले की अंगीठी में सबसे ज्यादा सुरक्षित ऑयल रेडियेटर है। ऑयल रेडियेटर बहुत धीमी गति से काम करता है, इसलिए यह लोगों को पर्याप्त नहीं लगता। इससे त्वचा में ड्राइनेस (सूखापन) नहीं आता है, जबकि ब्लोअर से निकलने वाली सूखी हवा एलर्जी वाले मरीजों को दिक्कत होती है। खासकर बच्चों के लिए तो बिल्कुल ही बेहतर नहीं है। हीटर का इस्तेमाल करते समय बाल्टी या चौड़े गहरे बर्तन में पानी खुले में रख दें। कमरे को पूरी तरह से टाइट पैक न करें। घर की खिड़की को हल्का खोलकर रखें, ताकि वेंटिलेसन मेंटेन रहे। इससे ड्राइनेस नहीं होगा।
ब्लोअर व हीटर के साथ नहीं है कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा
जब कोई चीज जलती है तो वह ऑक्सीजन का उपयोग करती है। जब ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, खासकर कोयले की अंगीठी में कार्बन मोनोऑक्साइड (जहरीली गैस) जिसे साइलेंट किलर भी कहते हैं, यह गैस इतनी तेज है कि व्यक्ति को पता नहीं लगता है कि कब वह मृत्यु के आगोश में चला गया। ब्लोअर और हीटर के साथ कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा नहीं रहता है। बस यह ड्राइनेस का कारक है।
अंगीठी का प्रयोग सही नहीं
कमरे का तापमान सही रखने के लिए कोयले की अंगीठी का प्रयोग सही नहीं है। अगर कर रहे हैं तो जागते वक्त कोयले का इस्तेमाल करिए और सोने जाते वक्त अंगीठी को बुझा दीजिए। अंगीठी जलाते वक्त कमरे का दरवाजा खुला रखिए।
हीटर के दुष्परिणाम
हीटर के ज्यादा प्रयोग से एलर्जी, सिरदर्द और नींद न आने की शिकायत रह सकती है।
वर्जन
हीटर और रेडियेटर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो गर्मी भाग सकती है और त्वचा की ड्राइनेस को भी दूर भगा सकते हैं। हीटर को इस्तेमाल करना है तो कमरे में एक खुले बर्तन में पानी रख दें, साथ ही खिड़की थोड़ी खोलकर रखें। इससे कमरे में वेंटिलेशन (वायु संचालन) होता रहेगा। सबसे अच्छा है यह है कि रूम में थर्मामीटर लगाएं। इसे 28 डिग्री सेल्सियस पर बनाए रखिए। बच्चों को बहुत ज्यादा कपड़े मत पहनाएं। बच्चे को कम कपड़े पहनाएं और कमरे को गर्म रखें, ताकि बच्चे खुलकर रख सकें। - डॉ. दिनेश मलिक, त्वचा विशेषज्ञ, सामान्य अस्पताल।