संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। अमेरिका-ईरान में एक बार फिर संघर्ष बढ़ने से स्थानीय उद्योग और कारोबार पर असर होने की आशंका उद्यमियों ने जताई है। इस संघर्ष से रोहतक के उद्योगों विशेषकर नट-बोल्ट, मशीनें व केमिकल आदि का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
उद्यमी पारस आहुजा का कहना है कि इस संघर्ष से उद्योगों के लिए विदेश से कच्चा माल मिलने में कमी आ सकती है। उत्पादन लागत में वृद्धि के साथ ही निर्यात के लिए किराया महंगा होने की आशंका है। ऐसे में उद्योगों को मंदी से उबरने में जहां छह माह लगने थे, अब साल भर लग सकता है।
रोहतक में हिसार रोड व दिल्ली रोड आईएमटी क्षेत्र सहित कुल 600 से अधिक उद्योग हैं जहां से विदेश तक कारोबार होता है। ऐसे में स्थानीय उद्यमियों में अमेरिका-ईरान संघर्ष से यहां कारोबार पर असर को लेकर चिंता साफ देखी जा रही है।
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अमेरिका-ईरान में संघर्ष के चलते पहले से ही रोहतक में उद्योगों की स्थिति ठीक नहीं है। पेट्रो उत्पादों के रेट बढ़े होने से उत्पादन लागत के रूप में उद्योगों पर आर्थिक भार बढ़ रहा है जबकि बिक्री कम होने लगी है।
- जोगेंद्र नांदल, उद्यमी।
रोहतक का नट-बोल्ट कारोबार कई देशों तक होता है। यहां से बड़ी संख्या में उत्पाद विदेश में जाते हैं। इनमें खाड़ी देश भी शामिल हैं। इस संघर्ष के कारण अब उत्पादों को वहां भेजना मुश्किल हो सकता है।
- बिट्टू मल्होत्रा, उद्यमी।
उद्योगों के लिए गैस व अन्य पेट्रोलियम पदार्थ महंगे मिल रहे हैं। कच्चा माल भी विदेश से आता है। ऐसे में रोहतक के उद्योगों को मंदी से उबरने में जहां छह माह लगने थे अब साल भर लग सकता है।
- पारस आहुजा, उद्यमी।
रोहतक से कई तरह की मशीनें खाड़ी देशों में भेजी जाती हैं जिनको भेजने के लिए एक कंटेनर का किराया पहले तीन लाख रुपये लगता था लेकिन अब किराया डबल मांगने लगे हैं। इसके चलते व्यापार पर काफी असर पड़ सकता है।
- सरदार हवा सिंह सैनी, उद्यमी।
03-एसआईआईडीसी का लोगो।
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