रोहतक। जिले की 18 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी उन्नति हुड्डा एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने जापान पहुंच चुकी हैं। 14 साल की उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली उन्नति पदक जीतने का सपना लिए वहां गई हैं। उनके पिता उपकार हुड्डा, जो उनके कोच भी हैं, ने बताया कि यह सफर चुनौतियों भरा रहा है।
उन्नति के सामने अच्छा प्रदर्शन और रैंकिंग बनाए रखने के साथ चोटों से बचने की चुनौती रहती थी। उन्होंने मात्र आठ साल की उम्र में बैडमिंटन रैकेट चुना और सर छोटूराम स्टेडियम से खेलना शुरू किया था। कुछ समय बाद ही उन्होंने जिलास्तरीय खेलों में अपना पहला पदक जीता था।
11 साल की उम्र में आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो कांस्य पदक हासिल किए थे। अगले साल उन्होंने नेशनल में पहला गोल्ड पदक जीता। 13 साल की उम्र में बंगलूरू में पहली बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलकर चांदी का पदक लाईं थीं।
अगले साल 14 की उम्र में उन्नति ने ओडिशा ओपन सिंगल्स सुपर 100 का खिताब जीतकर इतिहास रचा था। वह इतनी कम उम्र में यह कारनामा करने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी थीं। संवाद
चोटों और वापसी का सफर
दिसंबर 2024 में उन्नति के पैर में गंभीर चोट लगी जिससे उबरने में करीब छह महीने लगे। दिसंबर 2025 में उन्हें कंधे में दूसरी चोट लगी जिसका इलाज लगभग तीन महीने चला। इन चोटों ने उनके खेल को कुछ समय तक प्रभावित किया और आत्मविश्वास कम होने लगा था। पिता उपकार ने बताया कि उन्होंने उन्नति का मनोबल बनाए रखा और उसे लगातार प्रोत्साहित किया।
परिवार को स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद
उन्नति पहली बार एशियन खेलों में भाग ले रही हैं जिससे उनका परिवार बहुत उत्साहित है। परिवार को उनसे स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद है। उनकी मां कविता गुरुग्राम में एक निजी कॉलेज चलाती हैं और बेटी की खुराक का ध्यान रखती हैं। छोटा भाई जयवर्धन भी राष्ट्रीय स्तर का बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। पिता उपकार 2017 से उन्नति को प्रशिक्षण दे रहे हैं, पहले वह अध्यापक थे।