माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने रिसर्च स्कॉलर्स का आह्वान किया कि वह उपलब्ध संसाधनों में ही गुणवत्ता परक शोध करें। शोध पत्रों में गुणवत्ता व स्पष्टता होनी चाहिए। स्वयं मेहनत कर आंकड़े एकत्रित करें। शोध को प्राथमिकता देते हुए शोध कार्यों के लिए बजट को भी बढ़ाया जाए। कभी किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर न रहें। कुछ नया करने की जिज्ञासा रखें और मेहनत से कार्य करें।
सोमवार को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रशासनिक परिसर में फैकल्टी सदस्यों व रिसर्च स्कॉलर्स से संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति अनीता सक्सेना, निदेशक डॉ. एसएस लोहचब, शोध सेल के प्रभारी व वरिष्ठ प्रो. डॉ. ध्रुव चौधरी व प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। वहीं विश्वविद्यालय की रिसर्च स्कॉलर्स ने शोध के दौरान के अनुभव सांझा किए।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार की ओर से हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि इस संवाद का मुख्य उद्देश्य शोध के कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। उन्होंने रिसर्च स्कॉलर्स से थॉमस एडीशन के जीवन से प्रेरणा लेने को कहा, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अनेक शोध किए। राज्यपाल विश्वविद्यालय के प्रबंधन व रिसर्च स्कॉलर्स को बधाई दी। शोध को फैकल्टी सदस्यों व साथियों के साथ सांझा करें। गुणवत्ता परक शोध से विश्वविद्यालय की पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता भी बहुत जरूरी है। शोध को तपस्या मानकर पूर्ण करें। इस मौके पर डीसी अजय कुमार, पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग, कुलपति अनीता सक्सेना, निदेशक डॉ. एसएस लोहचब, संयुक्त निदेशक मोनिका, कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल, राज्यपाल के संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह, शोध सेल के प्रभारी प्रो. ध्रुव चौधरी, प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी, डीन डॉ. केएस लैलर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल आदि मौजूद रहे।