रोहतक। बहादुरगढ़ की 15 वर्षीय किशोरी अपने साथ हुए हादसे से उबर नहीं पाई है। पीजीआई के स्त्री रोग विभाग में उपचाराधीन दुष्कर्म पीड़िता किशोरी को हादसे से उबारने के लिए काउंसिलिंग की जा रही है। इस दौरान पीड़िता ने बताया कि उसका फूफा करीब डेढ़ साल उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। किशाेरी ने चिकित्सकों को बताया कि उसकी बुआ ने उसे गर्भपात की दवा दी थी। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। जब उसकी तबीयत ज्यादा खराब हुई तो उसे पीजीआई लाया गया। इधर, पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग भी किशोरी को गर्भपात की दवा देने के मामले की जांच कर रहा है।
पीजीआई के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की अध्यक्ष डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि किशोरी का इलाज चल रहा है। उसकी हालत नाजुक है। वह हादसे के बाद से सहमी हुई है। उसे हादसे से उबारने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए उसकी काउंसिलिंग की जा रही है।
यह है मामला
किशोरी को 18 मई की देर शाम गंभीर हालत में पीजीआई लाया गया था। उसका गर्भपात हो चुका था। वह अत्यधिक खून बह जाने पर अचेत हालत में यहां पहुंची थी। किशोरी का इलाज किया जा रहा है। डॉ. पुष्पा दहिया का कहना है कि हमारा काम किशोरी का इलाज करना है। जांच का काम पुलिस का है। किशोरी के पिता गुजर चुके हैं। मां ने दूसरी शादी कर ली। इसके चलते वह अपनी बुआ के घर रह रही थी। यहां फूफा ने उसके साथ जबरदस्ती की।
इधर, पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. विश्वजीत सिंह ने बताया कि गर्भपात की दवा प्रतिबंधित है। इसे किसी को भी यूं ही बेचना या किसी को खिलाना गलत है। किशोरी के मामले में जांच की जा रही है। इसके साथ गलत हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी।