सील की गई अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी।
- फोटो : Sonipat
रोहतक। स्वास्थ्य विभाग रोहतक, सोनीपत व पुलिस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शनिवार को सोनीपत में एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर रखी अल्ट्रासाउंड मशीन को सील करते हुए दो आरोपियों को भ्रूण लिंग जांच मामले में काबू कर पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। विभाग की इस डायग्नोस्टिक सेंटर पर लगातार दूसरी बार कार्रवाई में वहां का स्टाफ संदेह के घेरे में है।
पीएनडीटी के जिला नोडल अधिकारी डॉ. विकास सैनी ने बताया कि सिविल सर्जन के निर्देशों पर एक गर्भवती महिला को लिंग जांच के लिए तैयार किया और रोहतक के खरखौदा के एक दलाल मनवीर से संपर्क किया गया। लिंग जांच करवाने के लिए मनवीर ने एक लाख रुपये की मांग की। दलाल ने 22 जनवरी को बुलाया और 25 हजार रुपये खाते में डलवाने के बाद कहा कि उनका काम 23 जनवरी को हो पाएगा। 23 जनवरी को 20 हजार फिर खाते में डलवाए और 50 हजार रुपये नगद लिए। इसके बाद मनवीर महिला को लेकर सोनीपत स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर पर चला गया और वहां सुभाष के पास छोड़ दिया। यहां अल्ट्रासाउंड जांच के बाद कहा गया कि गर्भ में पल रहे लिंग के बारे में फोन पर बता दिया जाएगा। मनवीर वहां से एक सीए के पास चला गया और वहां दस हजार रुपये दे दिए। जब सीए को पकड़ा गया तो जांच में सीए ने बताया कि मनवीर अपनी आईटीआर भरवाने आया था और उसे रुपये देने थे। सीए धीरज ने फाइल दिखा दी। मनवीर ने सेंटर के काउंटर पर एक हजार रुपये दिए थे और उससे 49 हजार रुपये नगद बरामद किए गए। फिलहाल सेंटर में जांच करने वाले डॉक्टर के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिला है। जांच अधिकारी ने बताया कि अभी हाल ही में इसी सेंटर से एक लाख 20 हजार रुपये में लिंग जांच का सौदा हुआ था और झज्जर की टीम ने कार्रवाई की थी। शनिवार को जांच में सेंटर ने अल्ट्रासाउंड करने के लिए फॉरमेट नहीं भरा था। अंदेशा है कि यहां का कुछ स्टाफ भ्रूण लिंग जांच में मिला हुआ है।