फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उज्जवला योजना का अमीरों को फायदा देने के लिए हुआ खेल, लोगों का हंगामा

Tue, 12 Jul 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
नांदल गांव की लिस्ट में जमींदारों और सरकारी नौकरी करने वालों को किया शामिल - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
उज्जवला योजना के तहत गरीबों को फायदा देने के लिए तैयार की गई लिस्ट में खेल किया गया है। जिसमें जमींदारों और सरकारी नौकरी करने वालों का नाम भी शामिल कर लिया गया है। जबकि बीपीएल कार्ड धारकों को उस लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। लिस्ट को 2011 में कराए गए सर्वे के आधार पर ही तैयार कर दिया गया है। यह खुलासा नांदल गांव की उज्जवला योजना के लिए तैयार हुई लिस्ट से हुआ है। उस लिस्ट में नाम शामिल नहीं होने पर गांव के लोगों ने सोमवार को डीएसएफओ कार्यालय में पहुंचकर हंगामा किया। वहां सप्लाई इंस्पेक्टर ने उनका नाम लिस्ट में शामिल करने के लिए फार्म भरने की बात कही है। वहीं गरीबों को इस योजना का फायदा जरूर दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है।
विज्ञापन


गांव के बीपीएल कार्ड धारक कृष्णा, ओमप्रकाश, रामनिवास, अशोक, बिजेंद्र, राजवीर, अनीता, शमशेर, कृष्णा, बिरोदेवी, शीला देवी आदि सोमवार को जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी के कार्यालय में पहुंचे। जहां उज्जवला योजना के तहत जारी की गई लिस्ट को दिखाते हुए अधिकारियों का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का गुस्सा देखकर सप्लाई इंस्पेक्टर ने कहा कि वह जल्द ही गांव में मुनादी कराएंगे और उन सभी के फार्म भरवाए जाएंगे।

ऐसे हुआ खुलासा

नांदल गांव में राशन डिपो होल्डर के पास एक लिस्ट पहुंची। इसमें उन परिवारों के नाम शामिल है, जिनको उज्जवला योजना के लिए मुफ्त गैस कनेक्शन देने वालों की लिस्ट में शामिल किया गया है। उस लिस्ट को गांव वालों को दिखाया गया तो वह सभी हैरान रह गये। क्योंकि उसमें ऐसे लोगों के नाम थे जो गांव के जमींदार हैं और उनके परिवार के लोग सरकारी नौकरी भी करते हैं। जबकि उस लिस्ट में बीपीएल कार्ड धारक 66 लोगों में केवल 10 के नाम शामिल थे। इस तरह उज्जवला योजना के लिए तैयार की गई लिस्ट में खेल किया गया और योजना का अमीरों को लाभ देने की कोशिश की गई। लेकिन यह मामला पहले ही पकड़ में आ गया और उनको गैस कनेक्शन नहीं मिल सके।
विज्ञापन



जिस लिस्ट को तैयार किया गया है, वह एजेंसी संचालक की ओर से डिपो होल्डर को भेजी गई है। वह लिस्ट 2011 में हुए सर्वे के आधार पर तैयार की गई है। नई लिस्ट अभी तैयार नहीं हुई है और जल्द ही सभी के फार्म भरवाकर दूसरी लिस्ट तैयार होगी। पहले वाली लिस्ट में जमींदारों व सरकारी नौकरी वालों के नाम कैसे आये हैं, इसकी जानकारी नहीं है।
विज्ञापन

सतीश दहिया, सप्लाई इंस्पेक्टर
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें