संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआई) में कोर्स ऑफ एथिक्स इनक्लूडिंग बायोएथिक्स के तहत पीजी छात्रों को नैतिक सिद्धांतों, पेशेवर आचरण और मरीजों के अधिकारों की रक्षा का प्रशिक्षण दिया गया।
विश्वविद्यालय में इस कोर्स का यह दूसरा संस्करण था। कार्यक्रम के आयोजक व डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. ध्रुव चौधरी रहे, जबकि समन्वयक किया डॉ. आरती ने। डॉ. चौधरी के मुताबिक, मंगलवार को पूर्ण हुए कोर्स में कुल 235 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया।
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इस दौरान विभिन्न सत्रों में डॉ. अनंत भान, डॉ. सविता वर्मा, डॉ. जितेंद्र जाखड़, डॉ. रीतू हुड्डा और डॉ. कमल सिंह ने पीजी छात्रों को नैतिक मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने और पेशे में एथिकल प्रैक्टिसेज अपनाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. कमल सिंह के मुताबिक, कुछ छात्रों ने सुझाव दिया है कि इस कोर्स को तीन साल के पीजी पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में ही पढ़ाना चाहिए। इससे वे बेहतर निर्णय लेने के साथ-साथ मरीजों के अधिकारों की रक्षा में भी सजग रह सकेंगे।