बजरंग भवन फाटक पर आटो एजेंसी के साथ हुए हमले के बाद घटना स्थल पर पुछताछ करती पुलिस । संवाद न्यूज ए
अपराधियों के मन में पुलिस का कितना खौफ है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य के डीजीपी मनोज यादव जिले में थे और जगह-जगह पुलिस अलर्ट रही। इसके बावजूद आरोपी वारदात को बेखौफ अंजाम दे गए। शनिवार को एक ओर डीजीपी पुलिस अधिकारियों को जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के सख्त निर्देश दे रहे थे। वहीं, दूसरी ओर दो आरोपी सुबह साढ़े 11 बजे बजरंग भवन फाटक के पास शिव ऑटो एजेंसी में लोन पर ऑटो लेने के बहाने घुस गए। इसके बाद आरोपियों ने एजेंसी मालिक और नौकर पर पिस्तौल तान दी और कहा कि जो कुछ है सब निकाल दो। इस पर जब मालिक और नौकर ने आरोपियों का विरोध किया तो एक आरोपी ने एजेंसी मालिक के सिर में पिस्तौल के बट से दो वार किए। इसके बाद आरोपी नौकर के हाथ से मोबाइल फोन और टिफिन बैग छीन भाग निकले। इस दौरान एक आरोपी को दोनों ने पकड़ लिया, जबकि एक आरोपी भागने में कामयाब रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ ले गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने अपनी पहचान गन्नौर निवासी राहुल के रूप में बताई है।
पुलिस को दी शिकायत में लितेश कुमार निवासी एमडीयू कैंपस ने बताया कि वह व राजेश कुमार निवासी पटवापुर शिव ऑटो एजेंसी पर काम करते हैं। उसने बताया कि शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे वे दोनों मालिक सुरेश कुमार के साथ एजेंसी कार्यालय पर बैठे थे। इसी दौरान दो युवक आए और लोन पर ऑटो लेने के बारे में जानकारी लेने लगे। इस दौरान राजेश गोदाम में चला गया। कुछ देर बाद युवकों ने जेब से पिस्तौल निकाली और सुरेश पर तान दी। आरोपियों ने कहा कि जो कुछ उनके पास है सब निकाल कर दे दो, नहीं तो जान से जाओगे। विरोध करने पर एक आरोपी ने एजेंसी मालिक को सिर में पिस्तौल से बट मार कर घायल कर दिया और लितेश के हाथ से दो मोबाइल फोन और नकदी का बैग समझ टिफिन बैग उठाकर भाग निकले।
पकडे़ गए आरोपी को पुलिस बताने लगी अपनी उपलब्धि, दुकानदार बोले - उपलब्धि की इतनी ही ललक है तो बढ़ाएं सक्रियता
वारदात के बाद एजेंसी मालिक ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। सूचना मिलते ही आर्य नगर थाना पुलिस के एएसआई प्रकाश पुलिस मौके पर पहुंचे और पकड़े गए आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने एजेंसी मालिक सुरेश को कहा कि वह इस आरोपी को पकड़ने में पुलिस का सहयोग दिखाएगी। पुलिस पिस्तौल की बरामदगी भी विभिन्न जगहों पर दबिश देकर कब्जे में लेना दिखाएगी। जिस बात से मौजूद दुकानदारों ने विरोध किया। उन्होंने पुलिस को कहा कि अगर पुलिस को अपनी उपलब्धि दिखाने का इतना ही शौक है तो वह अपनी सक्रियता बढ़ाएं। फर्जी वाहवाही लूटने का प्रयास न करें। इस पर दुकानदारों और पुलिस के बीच तनातनी हो गई। इस पर आईओ प्रकाश चंद का कहना है कि दुकानदारों के आरोप निराधार हैं। दुकानदारों ने ही आरोपी को पकड़ा है। उनका कहना है कि दुकानदारों ने आरोपी पीटा है, इसलिए बचाव में पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं। जो शिकायत मिली है उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुुंची थी। मौके पर पकड़े गए आरोपी की पहचान राहुल निवासी गन्नौर के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से मिली पिस्तौल में एक रौंद मिला। नामजद व अन्य आरोपी के खिलाफ लूटपाट, आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आगामी कार्रवाई अमल में ला रही है।
- एएसआई प्रकाश चंद, जांच अधिकारी।
लूट के आरोपी को पकड़े हुए दुकानदार।
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घायल दुकानदार सुरेश