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दो दिन बाद से 16 दिन में कराएं जीएसटी का रजिस्ट्रेशन 

Wed, 14 Dec 2016 02:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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जीएसटी
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गुड्स एवं सर्विस टैक्स (जीएसटी) के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया प्रदेश में 16 दिसंबर से शुरू हो रही है। इसके तहत जिले के 7200 व्यापारियों व दुकानदारों सहित सरकारी विभागों, निजी संस्थानों और स्कूलों को पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण की प्रक्रिया 31 दिसंबर तक चलेगी। पंजीकरण के लिए एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग की ओर से व्यापारियों के ई-मेल पर प्रोविजनल आईडी और पासवर्ड भेजे गए हैं।
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साथ ही, समस्याओं के निपटारे के लिए हेल्प डेस्क बनाई गई है। व्यापारी 01262-247388 नंबर पर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक कॉल करके अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं। जीएसटी का मकसद देश में एक सामन टैक्स लागू करना और व्यापार को आसान बनाना बताया जा रहा है। 

इस तरह से करें रजिस्ट्रेशन
जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पहले प्रोविजनल आईडी और पासवर्ड इस्तेमाल करना होगा, जोकि आपकी ई-मेल आईडी पर एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग की ओर से भेजा गया है। इसके बाद प्रोविजनल आईडी व पासवर्ड की मदद से gst.gov.in वेबसाइट पर लॉग इन करें और अपनी प्रोफाइल को अपडेट करें।
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इसमें ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट नंबर और पहचान पत्र में पेन कार्ड या आधार कार्ड को स्कैन करके डाउनलोड करना होगा। इसमें संस्थान का आईडी प्रूफ, फोटोग्राफ, बैंक खाते की पासबुक का पहला पेज और ट्रांजेक्शन संबंधित जानकारी भी अपलोड करनी होगी। अगर आपकी पार्टनरशिप में फर्म है या किसी भी प्रकार का अस्तित्व है तो उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी अपलोड करें।

सभी जानकारियों को भरने के बाद जीएसटी के फॉर्म में समिट के बटन पर क्लिक करना है। इसके बाद रसीद नंबर जनरेट हो जाएगा। इस नंबर से भविष्य में कोरेसपोंडेंट (पत्राचार) के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। जिन्हें मेल पर प्रोविजनल आईडी और पासवर्ड नहीं मिला है उन्हें जल्द भेजा जाएगा। जिस ई-मेल आईडी पर पासवर्ड भेजा जा रहा है उसे संबंधित व्यक्ति ने किसी राज्य या सेंट्रल लॉ में रजिस्ट्रेशन के दौरान विभाग को उपलब्ध कराया होगा। 

यह है जीएसटी
जीएसटी (गुड्स सर्विस टैक्स) लागू होने पर पूरे देश में एक सामान और हर सेवा पर सिर्फ  एक टैक्स लगेगा। मसलन, वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स की जगह एक ही टैक्स लगेगा। इससे पूरे देश में किसी भी सामान की कीमत एक जैसी हो जाएगी। जबकि मौजूदा समय में अलग-अलग राज्य में अलग-अलग वस्तुओं पर कई प्रकार के टैक्स लगते हैं। जीएसटभ् लागू होते ही केंद्र को मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स सब खत्म हो जाएंगे। राज्यों को मिलने वाला वैट, मनोरंजन कर, लक्जरी टैक्स, लॉटरी टैक्स, एंट्री टैक्स, चुंगी आदि सभी प्रकार के टैक्स समाप्त हो जाएंगे।
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नहीं लगेगी फीस, सरल है प्रक्रिया
वर्तमान में जो भी व्यापारी वैट, सेंट्रल एक्साइज एक्ट, सर्विस टैक्स आदि अदा करता है, उसके लिए जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। इसकी समय सीमा 16 से 31 दिसंबर है। यह बहुत ही सरल प्रक्रिया है। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए किसी प्रकार की फीस नहीं लगेगी। 
- धर्मबीर दहिया, डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर, रोहतक
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15 डिजिट की होगी आईडी
जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 15 डिजिट की आईडी होगी। जिसके पहले दो डिजिट में राज्य का कोड होगा और बाकी 10 डिजिट में पेन नंबर होगा। इस आईडी में 13वां नंबर पेन होल्डर के संस्थान के नंबर को दर्शाएगा और 14वां डिजिट जेड बॉय डिफॉल्ट होगा। आखिरी डिजिट में पूरी आईडी में आने वाले नंबरों का सम होगा।
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- संजय थरेजा, सीए।
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