संवाद न्यूज एजेंसी
बावल (रेवाड़ी)। जंगल को बचाने की गुहार प्रधानमंत्री से लगाने के लिए जयपुर से दिल्ली के लिए साइकिल यात्रा पर निकलीं जयपुर की दो बेटियों सीबा शेखावत (13) और भाव्या शेखावत (7) का रविवार को बावल में स्वागत किया गया। जाट समाज और किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने बच्चियों और उनकी टीम का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
दोनों बेटियों ने 10 अगस्त को जयपुर से साइकिल यात्रा शुरू की। यात्रा में बच्चियों के साथ चल रहे पर्यावरण प्रेमी प्रशांत कुमार जायसवाल, रिदम चतुर्वेदी, करण सिंह, दीपक बाल्याण, कैलाश वर्मा ने बताया कि जयपुर के ढोल का बाढ़ क्षेत्र में करीब 2500 पेड़ों की कटाई की योजना है। इसमें अब तक लगभग 200 पेड़ काटे भी जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इस जंगल में 85 से अधिक प्रजातियों के पक्षी रहते हैं। यह क्षेत्र प्राकृतिक औषधियों व ऑक्सीजन का भंडार है। पेड़ कटने से पूरा पारिस्थितिकी तंत्र खतरे में पड़ जाएगा। इसको देखकर दोनों बेटियां पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर यात्रा पर निकलने के लिए प्रेरित हुईं।
पर्यावरण प्रेमियों ने बताया कि सरकार को यहां बायोडाइवर्सिटी पार्क, क्लाइमेट एजुकेशन म्यूजियम, इको-टूरिज्म और इको-फ्रेंडली प्रोजेक्ट विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन इसके बजाय पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई है।
रोजाना करीब 25 किलोमीटर की दूरी तय कर रहीं बेटियां
जयपुर में एयर पोर्ट के पास रहने वाली दोनों बच्चियां साइकिल पर रोजाना करीब 25 किलोमीटर की दूरी तय कर रही हैं। यह टीम 21 अगस्त को दिल्ली पहुंचेगी और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपकर जंगल बचाने की गुहार लगाएगी। रविवार को बावल में जाट समाज व किसान यूनियन के प्रतिनिधियों में प्रमिला महलावत, प्रधान सूरत सिंह, भरत सिंह लंबरदार, महेंद्र ककरावत, सरजीत सिंह पहलवान, कृष्णा एडवोकेट और अतर सिंह नेहरा ने बच्चियों का माला पहनाकर स्वागत किया। साथ ही हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया।