रोहतक। एडीजे आरपी गोयल की कोर्ट ने विवाहिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में मृतका के पति हरविंद्र व सास पुष्पा को साढ़े 3-3 साल कैद व 2-2 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की एवज में दोषियों को साढ़े तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक जींद के वाल्मीकि मोहल्ला निवासी कैलाश ने मार्च 2018 में महम थाना पुलिस को शिकायत दी थी उसने 2016 में अपनी बेटी रिया की शादी महम के वार्ड नंबर पांच निवासी हरविंद्र के साथ की थी। रिया को शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोगों निरंतर तंग करते थे। इस मामले को कई बार ससुरालियों को समझाया भी गया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर हरविंद्र, उसकी मां पुष्पा ने अन्य के साथ मिलकर रिया की हत्या कर दी। महम थाना पुलिस ने इस मामले में दहेज हत्या का केस दर्ज कर हरविंद्र और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के सबूतों के आधार पर हरविंद्र व उसकी मां पुष्पा को रिया को आत्महत्या के लिए मजबूर करने दोषी माना। साथ ही वीरवार को साढ़े 3-3 साल कैद की सजा सुनाई।