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खरावड़ में ढाई साल का बच्चा ड्रम में डूबा

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दिल्ली रोड स्थित खरावड़ गांव में ढाई साल के मासूम की करीब दो फीट पानी से भरे ड्रम में डूबने से मौत हो गई। घटना का पता लगने पर परिजन उसे नजदीक के एक निजी अस्पताल दाखिल कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही खरावड़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पीजीआई डेड हाउस में रखवा दिया। वीरवार को परिजनों के बयान पर पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों का सौंप दिया गया। घटना के समय उसकी मां दिवाली के लिए बनाए मिट्टी के दीये देने के लिए किसी के घर गई हुई थी।
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दादा कमरे में बना रहा था दीये, कब बच्चा बाथरूम में पहुंच गया, नहीं लगा पता
मासूम के पिता सतीश ने बताया कि खुद एक निजी कंपनी में फाइनेंस का काम करता है। उसकेपरिवार में दो बेटे और उसकी पत्नी है। बुधवार को वह काम पर गया हुआ था। पत्नी पिंकी, मां ओमवती के साथ दीये देने के लिए नजदीक किसी के घर गई थी। घर पर दादा गणपत सिंह थे। वह एक अलग कमरे में बैठकर दीये बना रहे थे। सतीश का ढाई साल का बेटा मोहित अपने साढ़े तीन वर्षीय बड़े भाई अक्षित के साथ घर पर खेल रहा था। इसी वक्त मोहित बाथरूम में रखे पानी के ड्रम से पटरी पर खड़ा होकर ड्रम से बोतल में पानी भरने लगा। इसी दौरान मोहित संतुलन बिगड़ने से दो फीट के ड्रम में मुंह के बल गिया। अक्षित खेलता-खेलता दादा के कमरे में पहुंचा, तो दादा ने पूछा कि मोहित कहां है, बड़ी देर से दिखाई नहीं दे रहा। तो अक्षित ने अपने दादा को मोहित के ड्रम में डूबने के बारे में बताया। ये सुनते ही दादा तुरंत दौड़कर बाथरूम में पहुंचे और नजदीक रह रहे मोहित के ताऊ अनिल को घर बुलाया। इसके बाद दोनों उसे नजदीक एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दिवाली के लिए दीये देने गई थी मां, पीछे से बुझ गया घर का चिराग
अमन वर्मा
रोहतक। रोती-बिखलती मां पिंकी ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी दिवाली पर घर पर मिट्टी के दीये बनाए थे। वह मिट्टी के दीये घर-घर जाकर बेचती है। बुधवार दोपहर को वह दीये लेकर नजदीक ही किसी के घर पर देने गई थी। कुछ देर बाद लौटी तो पता लगा कि मोहित पानी में डूब गया था, जिसे ससुर और ताऊ एक अस्पताल लेकर गए है। मां दौड़ती हुई अस्पताल पहुंची तो वहां मासूम की मौत की खबर मिली। खबर सुनते ही मां रोती-बिखलती बोली की मैं दिवाली के लिए बनाए दीये देने के लिए दूसरों के घर गई थी। मुझे क्या पता था कि मेरे खुद के घर का चुराग बुझ जाएगा।
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साथ खेलने वाला भाई नहीं दिखा, तो दिनभर उदास रहा बड़ा भाई
मोहित का साढ़े तीन साल का बड़ा भाई अक्षित है। दादा-दादी ने बताया कि दोनों भाई दिनभर घर के आंगन में इधर-उधर दौड़ते रहते थे। दिनभर शरारत करते थे। कभी मोहित तो कभी अक्षित बारी-बारी बने हुए दीये तोड़ देते थे। डांटने पर दोनों भाई नाराज होने की भी एक्टिंग करते थे। बुधवार को हुई घटना के बाद, वीरवार को जब साथ खेलने वाला छोटा भाई मोहित नहीं दिखा, तो अक्षित उदास हो गया। जब भी उसका खेलने का मन होता, तो मां से मोहित के बारे में पूछता, लेकिन अकेला खेलते हुए वो बहुत ही उदास हो गया और देर रात को सोने वाला अक्षित इसी उदासी के साथ शाम को जल्दी ही सो गया था।
ताकि और न हो ऐसी दर्दनाक घटना, बरतें सावधानियां
जो हादसा मोहित के साथ हुआ, ऐसा पहले भी कई बच्चों के साथ हो चुका है लेकिन इससे शायद ही किसी ने नसीहत ली है। थोड़ी सी लापरवाही आपके बच्चे को सदा के लिए आपसे अलग न कर दे, इसलिए थोड़ी सावधानी बरतें। छोटे बच्चों को कभी भी अकेला छोड़कर न जाएं। घर में पानी से भरे जितने भी बर्तन हैं, उन्हें बच्चों की पहुंच से दूर रखें। हो सके तो उन्हें अच्छी तरह से बंद करके रखें। जरूरत न होने पर पानी के बर्तन खाली करके उलटा करके रख दें। अगर कुछ सावधानी बरती जाए तो आपकी खुशियां और बढ़ेंगी।
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