संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बायोगैस प्लांट की स्थापना एवं संचालन के लिए साहस और नवारम्भव सोशल फाउंडेशन के साथ त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह एमओयू हस्ताक्षर समारोह बुधवार को कुलपति सम्मेलन कक्ष में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि यह साझेदारी विश्वविद्यालय परिसर में उत्पन्न जैविक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ-साथ स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करेगी।
कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने बताया कि उत्पन्न जैविक कचरे से बायोगैस उत्पादन, तकनीकी सहयोग, संचालन एवं जागरूकता गतिविधियों में सहयोग करेंगे। कार्यकारी अभियंता जेएस दहिया ने कहा कि इस परियोजना के तहत केपीएमजी की ओर से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत 80 लाख की वित्तीय सहायता साहस को प्रदान की जाएगी।
साहस ने परियोजना का इम्प्लीमेंटेशन एवं मॉनीटरिंग किया जाएगा जबकि नवारम्भव सोशल फाउंडेशन ऑन-ग्राउंड एग्जीक्यूशन और बायोगैस प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी निभाएगा। समारोह में प्रो. एससी मलिक, प्रो. विनीता हुड्डा, प्रो. राजकुमार, प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ, प्रो. मुनीष गर्ग, प्रो. केके शर्मा, प्रो. भगत सिंह राठी, प्रो. सुरेंद्र यादव व अन्य उपस्थित रहे।