रोहतक। पंजाब के पटियाला में 1992 में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए बिजेंद्र सिंह की याद में सोमवार को आसन गांव में विशेष कार्यक्रम हुआ, जिसमें पुलिस प्रशासन की ओर से डीएसपी राकेश मलिक, आईएमटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार व अन्य जवानों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। साथ ही शहीद के परिवार को सम्मानित किया गया।
पुलिस के मुताबिक पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है, जिसके तहत उन पुलिसकर्मियों को याद किया जा रहा है, जिन्होंने देश व समाज के लिए अपनी जान दे दी। पंजाब में आतंकवाद के दौर में शहीद हुए इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह की याद में उनके पैतृक गांव आसन के स्कूल में विशेष कार्यक्रम हुआ, जिसमें छात्रों ने वाद-विवाद प्रतियोगिता, पेंटिग व खेल प्रतियोगिता में भाग लिया। छात्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। शहीद निरीक्षक विजेन्द्र सिंह की पुत्री सुमन को विशेष रूप से सम्मानित किया। विजेन्द्र सिंह ने इसी स्कूल से अपनी शिक्षा प्राप्त की थी। स्कूली बच्चो को शहीद निरीक्षक विजेन्द्र सिंह की शहादत के बारे मे विस्तार से बताया गया।
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करनाल में तैनात थे बिजेंद्र सिंह
पुलिस के मुताबिक निरीक्षक विजेन्द्र सीआईए स्टाफ करनाल में तैनात रहे है। 31 मई 1992 को आतंकवादियों के संबंध में सूचना मिली। निरीक्षक विजेन्द्र सिंह ने अपनी टीम के साथ गांव मतौली जिला पटियाला (पंजाब) में छापेमारी की। गांव में एक मकान में आतंकवादी जरनैल सिंह व उसके साथी छुपे हुए थे। निरीक्षक विजेन्द्र सिंह व उनकी टीम ने बहादुरी व अदम्य साहस का परिचय देते हुए आतंकवादियों का डटकर सामना किया। मुठभेड़ में निरीक्षक विजेन्द्र सिंह शहीद हो गए थे।