Trees uprooted by strong storm, broken Bhiwani canal near Bharan, several acres of crop were submerged
महम। क्षेत्र के गांव भराण के पास से गुजर रही भिवानी नहर वीरवार देर रात टूटने से कई एकड़ जमीन जलमग्न हो गई। जिससे सैकड़ों एकड़ में खड़ी सब्जी व कपास की फसल डूब गई। किसानों व सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने पानी के बहाव को रोकने के लिए कड़ी मेहनत की। शुक्रवार देर शाम तक नहर की पटरी काफी हद तक ठीक कर दी गई।
वीरवार रात को आई तेज आंधी में नहर की पटरी पर लगे सफेदे के कई पेड़ उखड़ गए। जिससे नटर में काफी चौड़ी दरार आ गई। उस समय नहर में पानी आया हुआ था। जिसके दबाव के चलते जिसके चलते 20 से 25 फुट तक नहर में दरार आ गई। एक्सईएन रामनिवास ने बताया कि नहर टूटने की सूचना मिलने के बाद पानी रुकवाया गया। लेकिन जब तक नहर का पानी बंद करवाया जाता तब कई एकड़ की फसल जलमग्न हो चुकी थी। टूटी नहर का मुआयना एक्सईएन रामनिवास, एसडीओ दिनेश, जेई रामकरण, सज्जन, नवीन आदि ने किया।
कटाव पाटने को जुटाए संसाधन
सिंचाई विभाग के एसडीओ दिनेश का कहना है कि नहर का पानी 40 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद ही बंद होगा। पानी पूरी तरह से शुक्रवार रात तक ही बंद होगा। कटाव को पाटने के लिए मिट्टी व अन्य संसाधन जुटा लिए हैं। जैसे ही पानी बंद होगा काम युद्ध स्तर पर शुरू कर नहर की पूरी तरह से मरम्मत कर दी जाएगी। जलभराव के कारण कितनी एकड़ फसल प्रभावित हुई इसका आंकलन कटाव बंद होने के बाद हो पाएगा।
सब्जी उत्पादक किसानों ने मुआवजे की मांग की
नहर के टूटने से किसान उरेन्द्र व बलबीर कि सब्जी की फसल बर्बाद होने से लाखों का नुकसान हो गया। किसान उरेन्द्र ने 5 एकड़ में घीया व मूंग की फसल तैयार थी। वहीं किसान बलबीर ने 3 एकड़ में घीया, खरबूजा, भिंडी व खीरा की खेती की हुई थी। खेतों में दो से तीन फुट तक पानी जमा होने के कारण सारी फसल नष्ट हो गई है। किसानों ने प्रशासन मांग की है कि उन्हें उनकी बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।