रोहतक। यह सही है कि प्रदेश रोडवेज में 10 से 12 हजार बसें होनी चाहिए। हर रोज 33 लाख लोगों को रोडवेज बस सेवा की जरूरत है पर 12.5 लाख को ही सेवा मिल पा रही है। इस समय रोडवेज के पास 3600 बसें हैं। जल्द से जल्द 367 बस खरीदने का प्रस्ताव हाई पावर पर्चेज कमेटी के पास भेजा है। 25 वोल्वो बसें जल्द खरीदी जा रही हैं। रोहतक डिपो महाप्रबंधक डिमांड भेजेंगे तो वोल्वो बस मिलेगी। यह बात रविवार को प्रदेश के परिवहन मंत्री कृष्णलाल पवार ने प्रेसवार्ता में कही।
परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जब भाजपा की सरकार बनी थी तब परिवहन विभाग के पास 4100 बस का बेड़ा था। आज रोडवेज के बडे़े में 3600 बस हैं जिसकी वजह हर साल किमी. पूरे होने की वजह से 200-250 बसों का कंडम घोषित होना है। जल्द से जल्द बेड़े में बसें बढ़ाने के लिए 367 बस खरीदने का मसौदा हाई पावर पर्चेज कमेटी के पास भेज दिया गया है। इसके अलावा किमी. स्कीम के तहत 700 बसों का चलवाने का सरकार ने फैसला लिया था। 510 बसों के टेंडर भी निकाले गए मगर रोडवेज यूनियन, आम लोग और विपक्ष ने विरोध किया। जब टेंडर के रेट 21.74 रुपये व 36-37 रुपये आए तो घालमेल का आरोप है। इस पर तत्काल पूरे मामले की जांच विजलेंस को सौंप दी गई और मामला हाईकोर्ट चला गया। 17 जुलाई को कोर्ट से भी फैसला आ जाएगा। इसके अलावा 190 बसों का दोबारा से टेंडर निकाला गया है। इन बसों के लिए कैबिनेट के बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।
घोषणा पत्र बनाने को एक से 14 अगस्त तक लेंगे जनता की राय
परिवहन मंत्री ने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र बनाने को मुख्यमंत्री ने नौ सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी एक से 14 अगस्त तक प्रदेश के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जनता की राय एकत्रित करेगी। यह राय स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पंचायती राज समेत करीब 29 बिंदुओं पर ली जाएगी। जनता से आने वाले इनपुट के आधार पर ही विधानसभा का घोषणा पत्र बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री का टेस्ट पास करने वाले ही आ रहा भाजपा में
परिवहन मंत्री ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जिस तरह से क्वालीफाई फिजिकल टेस्ट होने के बाद ही किसी की पुलिस में भर्ती होती है, उसी तरह से मुख्यमंत्री के सामने फिजिकल टेस्ट देने वाले को ही भाजपा में शामिल किया जाता है। इसके साथ ही कहा कि यह प्रजातंत्र हैं और कोई भी कहीं आ-जा सकता है।
यदि तहजीब से पेश नहीं आएंगे तो शिकायत पर होगी कार्रवाई
परिवहन मंत्री ने कहा कि रोडवेज के चालक-परिचालकों को तहजीब सिखाने के लिए आईओसी से समझौता करके ट्रेनिंग दी जा रही है। बावजूद इसके यदि कोई अपने व्यवहार और भाषा में बदलाव नहीं करता है, तो शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।