परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि परिवहन कमाई का साधन नहीं है। परिवहन विभाग के निजीकरण की बात कहना बेबुनियादी है। शर्मा ने कहा कि 2016 में 5000 से ज्यादा ड्राइवर, कंडक्टर की भर्ती की गई है। सैकड़ों नई बसें बेड़े में शामिल की गई हैं। आने वाले समय में आवश्यकता के अनुसार और बसें भी बेड़े में जोड़ी जाएंगी। परिवहन विभाग का उद्देश्य है कि हर चौराहे, गांव व शहर से आमजन को आवागमन की सुविधा मिले। जल्द ही रोडवेज की बसों की जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। ई-टिकटिंग की व्यवस्था लागू की जाएगी। ऐसा करने से चंडीगढ़ में बैठ कर पूरी मॉनीटरिंग की जा सकेगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सीएम मनोहर लाल ने नौकरियों में भर्ती के लिए बिना पर्ची-बिना खर्चे के नारे को साकार कर दिखाया है, योग्यता के आधार पर ही नौकरियां मिल रही हैं। सरकार के दौरान चोर दरवाजों से होने वाली भर्तियां पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। कृषि कानून पर उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों के हित में कानून लागू किए थे, अब किसानों की मांग पर उन्हें वापस ले लिया गया है।