संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। ट्रेनों में भीड़ होने के कारण यात्री परेशान हो रहे हैं। रोहतक रेलवे स्टेशन पर छठ के चलते ज्यादा भारी संख्या में लोग आवागमन कर रहे हैं। ट्रेनों के एसएलआर (स्लीपर कम लगेज रेक) में यात्रा करने को बेबस हो रहे हैं।
छठ पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। नहाय-खाय के साथ शनिवार से छठ पर्व शुरू हो रहा है। इसके चलते जिले में रहने वाले प्रवासी घरों की ओर लौट रहे हैं। प्लेटफॉर्म पर शुक्रवार सुबह की पाली में एक्सप्रेस ट्रेनों में भीड़ देखी गई।
दोपहर 11:40 बजे के बाद दो एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ रही जिसके चलते किसी की ट्रेन छूट गई तो कुछ दरवाजों पर लटक कर सफर करने पर मजबूर रहे। ट्रेनों के सामान्य डिब्बों में तो खचाखच भीड़ देखने को मिली।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा कि यात्रियों की भीड़ नियंत्रण के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। शनिवार को रोहतक समेत सात स्टेशनों से तीन ट्रेनें चलाई जाएंगी।
त्योहार खत्म होने के साथ ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ सामान्य हो रही है। रेलवे सुरक्षा कर्मी यात्रियों की सुविधा में 24 घंटे मुस्तैद हैं। यात्रियों को किसी प्रकार के नुकसान की जानकारी नहीं मिल रही है।
- रूप चंद मीना, थाना प्रभारी, आरपीएफ
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धनाना आश्रम से आए हैं। मध्यप्रदेश जाना है। रोहतक से सीधी ट्रेन नहीं है। पहले दिल्ली स्टेशन पहुंचेगे उसके बाद दूसरी ट्रेन से अपने घर को लौटेंगे।
- राजीव, यात्री।
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मंडी में मजदूरी करता हूं। काम से छुट्टी मिलने के बाद छठ पूजा के लिए घर को लौट रहा हूं। ट्रेनों में भीड़ इतनी है कि कुछ कहने की जरूरत ही नहीं है।
- कालू कुमार, यात्री
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सवारियों को स्टेशन तक लेकर आता हूं। यात्रियों को ट्रेनों में सीट मिलना तो मुश्किल हो रहा है। रिजर्वेशन टिकट तो है ही नहीं, बेबस होकर सामान्य डिब्बों में जा रहे हैं।
- सुनील, कथूरा।
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रोहतक रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होने के लिए जद्दोजहद करते यात्री। संवाद
रोहतक रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होने के लिए जद्दोजहद करते यात्री। संवाद
रोहतक रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होने के लिए जद्दोजहद करते यात्री। संवाद
रोहतक रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होने के लिए जद्दोजहद करते यात्री। संवाद
रोहतक रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होने के लिए जद्दोजहद करते यात्री। संवाद