महम। रोहतक-हांसी वाया महम रेल लाइन पर ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। डोभ से गढ़ी तक सीआरएस भी हो चुका है। अब गढ़ी से हांसी ट्रैक बनकर तैयार हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि 25 सितंबर के आस पास सीआरएस हो सकता है। इसी कड़ी में कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ कार्य कर रहे हैं। गढ़ी से हांसी पुश ट्रालियां दौड़ने लगी हैं। उनमें सफर कर कर्मचारी ट्रैक की कमियां ढूंढ रहे हैं। इनमें टेक्निकल एक्सपर्ट ने खामियां तलाशनी शुरू कर दी है।
हांसी से गढ़ी रेलवे स्टेशन के बीच यह आखिरी सीआरएस होगा। रेलवे विभाग का रोहतक से लेकर गढ़ी तक सीआरएस पूरा हो चुका है। हांसी से गढ़ी रेलवे स्टेशन तक का सीआरएस बाकी है। सीआरएस का मतलब कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी यानी रेलवे सुरक्षा आयुक्त भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन आता है। काम पर लगी कंपनियों पर विभाग की ओर से लाइन पर बिजली से चलने वाली गाड़ियों के लिए ट्रैक तैयार करने का दबाव है। डीआरओ की ओर से 10 कर्मचारियों की पांच टीम बनाकर रेल लाइन पर तैनात कर दिए गए हैं। जो डोभ से गढ़ी तक एरिया बांटकर सहायक मंडल अभियंता की देखरेख में कार्य किया जा रहा है। वहीं बताया जा रहा है कि पहले हो चुके सीआरएस में जो कमी बताई गई थी, उसे पूरा कर लिया गया है। रेलवे बोर्ड बरोदा हाउस के आदेशानुसार 2024 तक सभी ट्रेन बिजली से संचालित की जाएगी। तब तक डीजल से चलने वाली गाड़ियां चलने लगेंगी। रोहतक-हांसी तक सभी स्टेशनों पर लगने वाले टावरों पर काम शुरू कर दिया गया है।