संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। प्रत्येक विद्यालय में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय साफ, सुरक्षित और कार्यशील होना चाहिए। यह बात स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रवीण सांगवान ने शनिवार को ब्राह्मणवास, सेक्टर-2, 3, 4 और खरावड़ के सरकारी विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि पेयजल की गुणवत्ता और टंकियों की नियमित सफाई में लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। मरम्मत कार्यों में भी देरी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि मिड-डे मील योजना केवल भोजन उपलब्ध कराने का कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है।
रसोईघर की स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता और बच्चों के लिए हाथ धोने और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अभिभावक शिक्षक बैठक, परिणाम विशलेष, आधुनिक प्रयोगशालाओं के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुलते ही विद्यालयों का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।
संयुक्त निदेशक ने बीआरसी कार्यालय में अधिकारियों और प्राचार्यों की बैठक ली। कहा कि विद्यालय का वातावरण ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की पहली सीढ़ी होती है।
जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक ने विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता, अनुशासन, स्वच्छता व विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभागीय निर्देशों का प्रभावी ढंग से अपनाने का आह्वान किया। इस मौके पर जिला परियोजना समन्वयक सुमन हुड्डा, खंड शिक्षा अधिकारी, अन्य अधिकारी, बीआरसी, एबीआरसी व प्राचार्य आदि मौजूद रहे।