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लाडवा में तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में दहशत, पकड़ने के लिए पांच टीमें तैनात

Sat, 20 Jul 2019 01:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लाडवा (हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर
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लाडवा उपमंडल के गांव बडौंदा के खेतों में शुक्रवार को तेंदुआ देखे जाने का मामला सामने आया है। तेंदुआ देखे जाने के बाद से ही गांव और आसपास क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना पर वन्य प्राणी विभाग के की टीम मौके पर पहुंची और खेतों का निरीक्षण कर पिंजरा लगाया और टीमें तैनात कर दी।

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गांव के किसान राकेश व उसके पिता रूलदू राम शुक्रवार सुबह जब अपने खेतों से पशुओं के लिए घास काटने गए तो उन्होंने गन्ने के खेतों में सरसराहट सुनी और किसी जीव को देखा। राकेश ने खेतों की मेड़ों पर दूर तक बने किसी अजनबी जीव के पंजे देखे जो सामान्य जीवों से काफी बड़े थे। राकेश का कहना है कि यें पंजे तेंदुए के हो सकते हैं।

पंजों के निशान देखकर घबराए राकेश व उसके पिता गांव वापस आए और गांव के सरपंच रघुबीर सिंह को इसकी सूचना दी। गांव के सरपंच ने तुरंत ही लाडवा के बीडीपीओ सुभाष चंद को मामले की जानकारी दी और इस तेंदुए को पकडवाने की गुहार लगाई।
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बीडीपीओ ने पंचकूला वन्य जीव विभाग को सूचना दी इसके बाद कुरुक्षेत्र से वन्य जीव विभाग की टीम गांव बडौंदा पंहुची। वन्य विभाग की टीम के पंहुचने पर बड़ी संख्या में गांववासी भी उनके साथ मौके पर गए। टीम के सदस्यों ने खेतों में बने पंजों के निशान देखे लेकिन वें तेंदुआ ही होने के किसी ठोस निर्णय पर नही पहुंच पाए हैं ।

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पंचकूला से वन्य जीव विशेषज्ञ शिव कुमार ने भी बडौंदा गांव के खेतों में बने पंजों के निशानों का गंभीरता से अध्ययन किया। वन्यजीव विभाग के निरीक्षक तेजबीर का कहना है कि हम जांच कर रहे हैं और खेतों से पंजे के निशान ले लिए गए है। उन्होंने कहा कि तेंदुए के पंजो के निशान अलग तरह के होते है और गांव बडौंदा में पाए गए पंजो के निशान तेंदुए से पूरी तरह अलग है।

निरीक्षक तेजबीर ने कहा कि देर शाम को पिंजरा लगा दिया जाएगा है और वन्य विभाग की रेस्क्यू टीम रात को मौके पर रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर यह तेंदुआ हुआ तो रखे गए गोश्त की गंध से पिंजरे में पकड़ा जाएगा।

तेंदुआ पकड़ने के लिए पांच टीमें तैनात
बडौंदा गांव में तेंदुआ पकड़ने के लिए पांच टीमें अलर्ट पर रखी गई हैं। वन्य जीव निरीक्षक तेजबीर ने बताया कि कैथल, यमुनानगर, करनाल, अंबाला व कुरुक्षेत्र की टीमें अलर्ट पर हैं। तेंदुआ दिखाई देने पर कोई भी टीम बुलाकर पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।

तेंदुआ दिन के समय किसी पर हमला नहीं करता और केवल रात में ही शिकार करता है। तेंदुआ आमतौर पर कुत्ते, भेड़, बकरी, खरगोश, बछड़ा का शिकार करता है और किसी विषम परिस्थिति में ही मनुष्य पर आक्रमण करता है।
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