रोहतक। शहर के गांधी कैंप में दिनदहाड़े चार साल पहले हुए स्क्रैप व्यापारी विजय हत्याकांड में एएसजे रजनी यादव की अदालत ने वीरवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने हत्याकांड के अहम आरोपी बहादुरगढ़ के लाइन पार निवासी नीरज, पंजाब के अबोहर के प्रिंस व रोहतक के कमला नगर निवासी अमन को दोषी करार दिया है। 10 दिसंबर को कोर्ट में सजा पर बहस होगी। केस का फैसला आने से दो दिन पहले एक आरोपी विशंभर की सड़क हादसे में मौत हो गई। कोर्ट में पुलिस ने यह रिपोर्ट भी दाखिल की, साथ ही कोर्ट ने वारदात की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार छह आरोपियों को बरी कर दिया।
पुलिस रिकाॅर्ड के अनुसार, अक्तूबर 2020 को गांधी कैंप निवासी अजय ने आर्य नगर थाने में शिकायत दी थी कि वे तीन भाई हैं। बड़ा भाई संजय भूरा है, जबकि वह किराना की दुकान चलाता है। तीसरा भाई विजय स्क्रैप का बड़ा व्यापारी था। 12 अक्तूबर को करीब 11 बजे वह दुकान पर बैठा था। इस दौरान तीन युवक आए। उसे देखकर वापस चले गए। थोड़ी देर बाद दो युवक आए और एक ने नजदीक आकर उसके कनपटी पर पिस्तौल लगा दी। बोला, हिलना मत, नहीं तो छह की छह गोलियां उतार दूंगा। इसी बीच एक युवक ने बैग उठा लिया, जिसमें 2 लाख रुपये थे। कुछ पैसे गल्ले से निकाल लिए। दो मोबाइल फोन भी उठा लिए। तभी उसका भाई विजय आ गया। उसने एक युवक के कंधे पर हाथ रखकर पूछा, भाई क्या बात हो गई। इतने में एक युवक ने पिस्तौल से विजय के मत्थे में गोली मार दी। गोली लगते ही दोनों युवक हथियारों सहित गली में गए, जहां एक युवक पहले से बाइक लेकर खड़ा था। घायल विजय को परिजन पीजीआई ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए हमलावर, सीआईए ने किया काबू
दिनदहाड़े लूट व हत्या की वारदात से शहर के व्यापारियों में डर फैल गया। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लिया, जिसमें साफ दिखाई दे रहा था कि हमलावरों ने योजना के तहत वारदात अंजाम दी है। मामले में कार्रवाई करते हुए कमला नगर निवासी अमन व पंजाब के अबोहर निवासी प्रिंस को पहले काबू किया गया। दोनों आरोपियों की अदालत की अनुमति से शिनाख्त परेड हुई, जबकि तीसरा आरोपी बहादुरगढ़ निवासी नीरज बाद में हाथ आया। उसने शिनाख्त परेड करवाने से इनकार कर दिया था।
अदालत के निर्णय से पहले एक आरोपी की मौत, छह को कोर्ट ने दी क्लीनचिट
पुलिस ने मामले में 11 आरोपियों को काबू किया था। सीसीटीवी कैमरे में कैद नीरज, अमन व प्रिंस को दोषी करार दिया। एक आरोपी विशंबर की अदालत के निर्णय से दो दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो गई। खुद एसएचओ ने यह रिपोर्ट अदालत में दाखिल की। छह आरोपियों अशोक, मनोज, रिंकू, अनुप, रवींद्र व सुनील को बरी कर दिया।
दो मंदबुद्धि बेटियों के सिर से छीन लिया पिता का साया
पीड़ित परिवार के वकील रमेश चंद्र ने बताया कि गांधी कैंप में विजय कबाड़ी का बड़ा कारोबारी था। उसकी दो बेटियां हैं, जो मानसिक तौर पर पूर्ण विकसित नहीं हैं। लुटेरे जब दुकान पर उसके भाई अजय से लाखों रुपये लूट रहे थे, जब विजय ने कंधे पर हाथ रखकर केवल यह पूछा था कि क्या बात हो गई। दोषी करार नीरज ने सीधी गोली विजय के माथे में मार दी थी। अदालत से मांग की जाएगी कि नीरज को फांसी की सजा दी जाए।
40 गवाह थे केस में, सीसीटीवी फुटेज बनी अहम सबूत
वारदात के बाद पुलिस के हाथ एक फुटेज लगी थी, जिसमें वारदात अंजाम देकर भाग रहे युवक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। फुटेज में एक युवक बाइक पर दिखाई दे रहा है, जबकि दो वारदात अंजाम देकर भाग रहे हैं। कोर्ट में यह फुटेज अहम साबित हुई।