रोहतक। जापान के आईची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में भारत से सैकड़ों खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। कुश्ती की महिला टीम में हरियाणा की अधिकांश पहलवान शामिल हैं। इनमें तीन लड़कियां ऐसी हैं जिन्होंने एक ही स्कूल से पढ़ाई की और कुश्ती सीखी। यह स्कूल जींद के निडानी गांव का चौधरी भरत सिंह मेमोरियल स्कूल है।
मनीषा भनवाला 57 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। प्रिया मलिक 76 किलो जबकि निशा दहिया 68 किलो भार वर्ग में अपना दम दिखाएंगी। कोच जगदीश ने बताया कि 2024 के पेरिस ओलंपिक में भी दो पहलवान इसी स्कूल से थीं। इसी कारण यह खेल स्कूल कुश्ती के नाम से भी जाना जाता है।
28 वर्षीय मनीषा भनवाला जींद के सिवाहा गांव की हैं। वह रोहतक के सर छोटू राम स्टेडियम में अभ्यास करती हैं। मनीषा स्टेडियम में जूनियर कोच के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने साल 2015 में निडानी से कुश्ती शुरू की और उसी साल श्रीनगर में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। मनीषा ने 2022 से 2025 तक लगातार चार साल सीनियर एशियाई चैंपियनशिप में भारत के लिए पदक जीते हैं। पिछले चार सालों में वह केवल एक ही बाउट हारी हैं।
21 वर्षीय प्रिया मलिक मूल रूप से जींद के निडानी गांव की ही रहने वाली हैं। वह थल सेना में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। प्रिया ने कई साल इस स्कूल में पढ़ाई की और साल 2023 में बारहवीं कक्षा पूरी की। वह आज भी इसी स्कूल में अभ्यास करती हैं। प्रिया ने 2025 में वियतनाम में हुई अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। उसी साल उन्होंने सीनियर कुश्ती रैंकिंग सीरीज में रजत पदक भी हासिल किया।
27 वर्षीय निशा दहिया पानीपत के अदियाना गांव की निवासी हैं। उन्होंने साल 2011 में निडानी के इस स्कूल में आठवीं कक्षा में दाखिला लिया और बारहवीं कक्षा तक लगातार चार साल कुश्ती का अभ्यास किया। उन्होंने कुश्ती की शुरुआत यहीं से की थी। निशा ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में 68 किलोग्राम भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। क्वार्टर फाइनल बाउट के दौरान कंधा उतर जाने के कारण उन्हें पदक के बिना लौटना पड़ा था। निशा रेलवे में सीनियर टीटीई के पद पर कार्यरत हैं। वह आजकल रोहतक के सत्यवान अखाड़ा में अभ्यास कर रही हैं।
22-खिलाड़ी प्रिया मलिक।
22-खिलाड़ी प्रिया मलिक।