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सुपवा के तीन शिक्षक व एक गैर शिक्षक कर्मी को घर खाली करने के आदेश

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एक तरफ फैलती कोरोना महामारी तो दूसरी तरफ घर खाली करने के आदेश। संक्रमण काल में गृह मंत्रालय के आदेश थे कि जो जहां है वहीं रहे। ऐसे में जिला प्रशासन के सुपवा के प्रोफेसर्स और लैब टेक्नीशियन को घर खाली के आदेश सवालिया निशान खड़े करता है। क्या वो मुंबई के हैं सिर्फ इसलिए शिक्षकों से घर खाली कराए जा रहे हैं। सुपवा के तीन शिक्षकों व एक गैर शिक्षक कर्मचारी को कोविड-19 का हवाला देकर जिला प्रशासन ने एक सप्ताह में घर खाली करने के आदेश दिए हैं। दो शिक्षक मुंबई के रहने वाले है, लेकिन वर्ष 2011 से रोहतक में ही रह रहे हैं। पहले वह जीटीआईएस इंस्टीट्यूट में कार्यरत थे, तब डायरेक्टर डिप्टी कमिश्नर ने उन्हें सरकारी आवास दिए थे। उसके बाद वर्ष 2014 से सुपवा के निर्माण के बाद से यहां लेक्चरर हैं। वहीं एक शिक्षक दुष्यंत और लैब टेक्नीशियन सतबीर हरियाणा से ही हैं।
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6 दिन घूमने के बाद भी कोई घर किराये पर देने को तैयार नहीं
शिक्षकों ने बताया कि 6 दिन घूमने के बाद भी कोरोना महामारी के डर से कोई अपना घर किराये पर देने को तैयार नहीं। स्थानीय लोगों को कोरोना का भय है और हमारी भाषा से ही उन्हें अंदाजा हो जाता है कि हम यहां से नहीं हैं। ऐसे में कोई हमें अपने घर नहीं रखना चाहता। शिक्षकों ने बताया कि मुंबई में महामारी ज्यादा फैल रही हैं, लेकिन हमारा वहां से कोई लेना-देना नहीं है। हम तो वहां कई वर्षों से गए ही नहीं। हम इतने साल से यहां रह रहे हैं तो यहीं के हो चुके हैं। हम पर महाराष्ट्र का टैग लगा है सिर्फ इसलिए हमसे घर खाली कराया जा रहा है।
अधिकारी सुनने को तैयार नहीं
शिक्षकों ने डिप्टी कमिश्नर से लेकर यूनिवर्सिटी के कुलपति को कोरोना काल में मोहलत देने के लिए लेटर लिखे हैं। लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में संक्रमण के इस दौर में शिक्षक घर खाली करके कहां जाएं।
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सुपवा रजिस्ट्रार को 6 माह पहले ही कह दिया गया था कि घर खाली करवा दें। अपनी फैकल्टी के लिए घर का इंतजाम करना उनकी जिम्मेदारी है। कोरोना ड्यूटी के कारण कई कर्मचारियों-अधिकारियों को घर की जरूरत है।
आरएस वर्मा, उपायुक्त, रोहतक।
अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन से पीड़ित शिक्षकों ने इस संदर्भ में कोई याचिका दी है तो उस पर विचार किया जाएगा। फिलहाल यूनिवर्सिटी में आवासीय परिसर में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। जून माह में फैकल्टी को फ्लैट अलॉट होने की संभावना है।
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बेनुल तोमर, पीआरओ, सुपवा।
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